अटल जी के संकल्प से गढ़ा गया छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि: “सुशासन और अंत्योदय के पथ पर अग्रसर है प्रदेश”

रायपुर, 16 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का भावुकता के साथ स्मरण किया।
छत्तीसगढ़ के निर्माता और जनभावनाओं के प्रतीक थे अटल जी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के सच्चे निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ का पृथक राज्य के रूप में गठन उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का ही परिणाम था।
उन्होंने कहा, “अटल जी ने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की अनूठी आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को गहराई से समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे धरातल पर उतारा। छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान देने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।”
आत्मीय और भावनात्मक रिश्ते की यादें की साझा
मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए कहा कि उनका छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था।
अपने संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सौभाग्य मिला कि अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन उन्हें निरंतर प्राप्त हुआ। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी उनके मन में जीवंत हैं, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
राजनीति में संवेदनशीलता और संवाद के सर्वोच्च प्रतीक
अटल जी के बहुआयामी व्यक्तित्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी है।
- सर्वस्वीकार्य व्यक्तित्व: वे ऐसे राजनेता थे जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर हर वर्ग का सम्मान मिला।
- लोकतांत्रिक मूल्य: वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवाद और संवेदनशीलता उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी विशेषता थी।
- सर्वोपरि राष्ट्रहित: मां भारती की सेवा और राष्ट्रहित उनके जीवन का एकमात्र सर्वोच्च ध्येय था।
गांव, गरीब, किसान और जनजातीय समाज बने विकास का आधार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और ‘अंत्योदय’ (समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान) को शासन की धुरी बनाया:
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की इस क्रांतिकारी पहल ने ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दीं।
- जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन: जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाते हुए अलग मंत्रालय का गठन उनकी संवेदनशीलता का बड़ा प्रमाण था।
अटल जी के सपनों का ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बना रही सरकार
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी है, उसे समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना हम सबका सामूहिक दायित्व है। वर्तमान सरकार उनके सुशासन और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम छोर तक विकास का उजाला पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार का प्रत्येक कदम गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाओं और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए केंद्रित है। अटल जी के विचार और आदर्श सदैव देश और प्रदेश को नई दिशा देते रहेंगे।
