: रायपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में सजी विकास और देशभक्ति की अद्भुत त्रिवेणी: ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल और छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा से रूबरू हो रही नई पीढ़ी

रायपुर, 16 अगस्त 2026: आजादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र (फोटो) प्रदर्शनी इन दिनों शहरभर में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह प्रदर्शनी महज तस्वीरों का संकलन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों के शौर्य, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों के स्वर्णिम इतिहास और आधुनिक छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का एक जीवंत दस्तावेज है।
विद्यार्थियों ने किया अवलोकन, इतिहास से जुड़ी प्रेरणा
इसी कड़ी में रविवार को बी.पी. पुजारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, राजातालाब, रायपुर के विद्यार्थियों ने अपनी शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में इस भव्य प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया। स्कूल के विद्यार्थी मानवी साहू, पलक साहू, योगिता विश्वकर्मा, आनंदित बोस और युगती सोनकर ने शिक्षिका अनवरी जावेद शेख एवं सुनील महर के साथ प्रदर्शनी का भ्रमण किया।
बच्चों ने ऐतिहासिक दस्तावेजों, दुर्लभ चित्रों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को बेहद उत्सुकता के साथ देखा। छात्र-छात्राओं ने माना कि यह प्रदर्शनी किताबों के पन्नों से निकलकर इतिहास को सीधे आँखों के सामने देखने और महसूस करने का एक दुर्लभ और ज्ञानवर्धक अवसर है।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष: राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर की गाथा
प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित विशेष खंड है। इसमें इस अमर गीत की रचना से लेकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण में इसकी ऐतिहासिक और निर्णायक भूमिका को चित्रों और संदर्भों के माध्यम से बहुत ही प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है। यह खंड नई पीढ़ी को यह अहसास करा रहा है कि हमारी स्वतंत्रता केवल संघर्ष का परिणाम नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के राष्ट्रप्रेम और अटूट एकता की मजबूत नींव पर टिकी है।
छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों के शौर्य को नमन
छत्तीसगढ़ की माटी के सपूतों के योगदान को समर्पित दीर्घा में राज्य के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के दुर्लभ छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास और प्रदेश की धरती पर हुए ऐतिहासिक राष्ट्रीय-सामाजिक आंदोलनों की झलक ने आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को हर एक चित्र के पीछे छिपे इतिहास और संघर्ष की गाथा से अवगत कराया।
महतारी वंदन से लेकर सुशासन तक: बदली जिंदगी की तस्वीर
इतिहास के पन्नों से आगे बढ़ते हुए यह प्रदर्शनी वर्तमान छत्तीसगढ़ की प्रगतिशील तस्वीर को भी उतनी ही खूबसूरती से पेश करती है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को दिखाया गया है:
- प्रमुख योजनाएं: महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना।
- विकास के क्षेत्र: शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े ठोस आंकड़े व चित्र। आम जनता और विशेषकर युवाओं में इन योजनाओं के जरिए हो रहे सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर काफी उत्साह देखा गया।
एआई तकनीक का तड़का: विरासत और पर्यटन का डिजिटल अनुभव
आधुनिक दौर के साथ तालमेल बिठाते हुए प्रदर्शनी में सूचना प्रौद्योगिकी का अनूठा इस्तेमाल किया गया है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित विशेष काउंटर पर आगंतुक छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करवा रहे हैं। बच्चों और युवाओं के बीच यह सेल्फी पॉइंट सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। इसके अलावा, राज्य की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही है।
21 अगस्त तक खुला है अवसर
कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में चल रही यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम नागरिकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क खुली रहेगी।
यदि आप भी अपने बच्चों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान की विकासशील तस्वीर और तकनीक के इस अनूठे संगम से रूबरू कराना चाहते हैं, तो परिवार सहित इस प्रेरणादायी प्रदर्शनी का अवलोकन अवश्य करें।
