मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया के श्री फलेश्वरनाथ मंदिर में की पार्थिव शिवलिंग पूजा, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

प्रमुख बिंदु:
- भव्य आयोजन: सावन सोमवार और नागपंचमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सपरिवार किया रुद्राभिषेक।
- विशाल अनुष्ठान: मैनी नदी के तट पर स्थित मंदिर में 17 से 19 अगस्त तक 1 लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और पूजन।
- लोकमंगल की कामना: मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति, किसानों की समृद्धि और हर परिवार में खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।

रायपुर, 17 अगस्त 2026
सावन मास की पावन बेला और नागपंचमी के पवित्र पर्व पर आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और परिवार के साथ अपने गृहग्राम बगिया स्थित ऐतिहासिक श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मैनी नदी के तट पर गूंजा ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष
प्रकृति की गोद में मैनी नदी के सुरम्य तट पर अवस्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर इन दिनों पूरी तरह शिवमय हो उठा है। यहाँ 17 से 19 अगस्त तक तीन दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं श्रीमती कौशल्या साय ने अन्य श्रद्धालुओं के साथ मिलकर अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयघोष से पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

प्रकृति और परमात्मा का अनूठा समन्वय: मुख्यमंत्री साय
प्रदेशवासियों को नागपंचमी और सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा:
“सावन का महीना देवाधिदेव महादेव की आराधना का विशेष अवसर है। भगवान भोलेनाथ लोकमंगल और कल्याण के प्रतीक हैं। हमारी संस्कृति में प्रकृति और परमात्मा के प्रति अटूट श्रद्धा का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। नदियां, वन, पर्वत और जीव-जगत हमारी आस्था के अभिन्न अंग हैं।”
उन्होंने विशेष तौर पर कामना की कि महादेव की कृपा राज्य के हर परिवार पर बनी रहे, हमारे अन्नदाता किसानों के खेत-खलिहान धन-धान्य से समृद्ध हों और छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर नित नई ऊंचाइयों को छुए।
तीन दिवसीय अनुष्ठान की रूपरेखा
श्री फलेश्वरनाथ मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित इस विशाल अनुष्ठान को लेकर पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल है।
- प्रथम दिवस (17 अगस्त): पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, भव्य पूजन, अभिषेक, महाआरती और प्रसाद वितरण।
- द्वितीय दिवस (18 अगस्त): सामूहिक पार्थिव शिवलिंग निर्माण, विशेष अभिषेक, आरती और अनुष्ठान।
- तृतीय दिवस (19 अगस्त): अनुष्ठान का समापन, विशेष पार्थिव शिवलिंग पूजन और भव्य पूर्णाहुति।
आस्था और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना बगिया
एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह (1,11,111) पार्थिव शिवलिंगों के निर्माण के इस संकल्प ने पूरे अंचल को भक्ति के रंग में रंग दिया है। दूर-दराज से पहुँच रहे श्रद्धालु सामूहिक रूप से शिवलिंग बनाकर लोककल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं। मैनी नदी के पावन तट पर हो रहे इन धार्मिक आयोजनों से बगिया और आसपास का पूरा क्षेत्र इस समय छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
