दृष्टिबाधा को दी मात: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता से दृष्टिबाधित जयमंती के सपनों को मिली डिजिटल उड़ान

रायपुर 17 अगस्त : मजबूत इरादों के आगे बड़ी से बड़ी कठिनाइयां भी नतमस्तक हो जाती हैं। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोरिया की शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित छात्रा जयमंती खेस ने इस बात को फिर साबित कर दिखाया है। अपनी शारीरिक चुनौती को कभी भी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने देने वाली जयमंती के उच्च शिक्षा प्राप्त कर ‘शिक्षक’ बनने के सपने को अब आधुनिक तकनीक का मजबूत सहारा मिल गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बगिया स्थित अपने निवास पर बी.ए. अंतिम वर्ष की मेधावी छात्रा जयमंती खेस को विशेष सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप भेंट कर उनके हौसलों को नई उड़ान दी है।
“शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं, लगन से पूरा करें सपना”—मुख्यमंत्री श्री साय
लैपटॉप प्रदान करने के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जयमंती से बेहद आत्मीय बातचीत की। उन्होंने छात्रा की शैक्षणिक यात्रा की जानकारी ली और स्नेहपूर्वक पूछा, “आगे क्या बनना चाहती हो?”
जयमंती ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “शिक्षक बनना चाहती हूं।”
छात्रा का यह प्रेरणादायी और राष्ट्र-निर्माण से जुड़ा लक्ष्य सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने जयमंती का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। पूरी निष्ठा और लगन से पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर आगे बढ़ते रहें।” मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम के बल पर जीवन की हर चुनौती को पार करते हुए जयमंती अपने सपनों को अवश्य साकार करेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर विद्यार्थी को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप संसाधन और संबल प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
जनदर्शन की संवेदनशीलता: कागजों से निकलकर धरातल पर उतरा समाधान
यह सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि शासन-प्रशासन किस प्रकार आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। जयमंती ने अपनी उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन के कलेक्टर जनदर्शन में एक विशेष सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
छात्रा की इस गंभीर आवश्यकता और शिक्षा के प्रति उसकी अटूट लगन को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लिया और समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग ने बिना देर किए जयमंती की विशेष जरूरतों के अनुकूल अत्याधुनिक तकनीक से लैस लैपटॉप तैयार करवाया, जिसे आज स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने हाथों से छात्रा को सौंपा। जनदर्शन में रखी गई एक उम्मीद आज जयमंती के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव बन गई है।
अब तकनीक बनेगी ‘आंखें’, आसान होगी उच्च शिक्षा की राह
वर्तमान में रायपुर के प्रतिष्ठित डिग्री गर्ल्स कॉलेज में बी.ए. अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही जयमंती के लिए यह लैपटॉप एक वरदान साबित होगा। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस लैपटॉप में विशेष असिस्टिव सॉफ्टवेयर (सहायक सॉफ्टवेयर) इंस्टॉल किया गया है, जिसकी मदद से स्क्रीन पर मौजूद टेक्स्ट और डिजिटल अध्ययन सामग्री को ऑडियो (आवाज़) के माध्यम से आसानी से सुना और समझा जा सकेगा।
इस उन्नत तकनीकी सहायता से जयमंती को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
- स्वतंत्र अध्ययन: वे बिना किसी बाहरी सहयोग के डिजिटल पुस्तकें, नोट्स और अन्य शैक्षणिक सामग्री का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगी।
- समय की बचत और सुगमता: पढ़ाई की रफ्तार तेज होगी और उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम को समझना बेहद आसान हो जाएगा।
- डिजिटल सशक्तिकरण: आधुनिक तकनीक के जरिए वैश्विक ज्ञान तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।
उम्मीद और प्रेरणा की एक मिसाल
मुख्यमंत्री श्री साय से मिले स्नेहिल प्रोत्साहन और तकनीकी संसाधनों के इस अनूठे उपहार ने जयमंती के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। लैपटॉप प्राप्त करते समय जयमंती के चेहरे की चमक और उनकी आंखें (आंतरिक दृष्टि) इस बात की गवाही दे रही थीं कि अब उनके सपने सच होने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता।
जयमंती खेस की यह संघर्षगाथा प्रदेश और देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। यह संदेश देती है कि यदि मजबूत इच्छाशक्ति हो, और सरकार का संवेदनशील संबल तथा आधुनिक तकनीक का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं कभी भी प्रतिभा और सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकतीं।
