युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़: वर्ल्ड लीडर्स फोरम में रखा गया भविष्य का विजन
प्रमुख बिंदु (At a Glance)
- ग्लोबल फोरम: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ का आर्थिक रोडमैप प्रस्तुत किया।
- आर्थिक विकास: वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार ₹6.31 लाख करोड़ और विकास दर 11.57% रही।
- निवेश और नीतियां: नई औद्योगिक नीति (2024-30) लागू होने के बाद ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
- स्टार्टअप और एआई: वर्ष 2030 तक 5, हजार स्टार्टअप का लक्ष्य और ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन की शुरुआत।
- बस्तर का कायाकल्प: सुरक्षा और कनेक्टिविटी सुधरने के बाद बस्तर अब पर्यटन, उद्योग और आजीविका का नया केंद्र बन रहा है।

नई दिल्ली में गूंजा छत्तीसगढ़ का युवा-केंद्रित विजन
रायपुर21 अगस्त : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली के प्रतिष्ठित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की दिग्गज हस्तियों के समक्ष छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर को रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित एक आधुनिक अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है।
इस उच्च स्तरीय फोरम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित देश-विदेश की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
1. मजबूत होती अर्थव्यवस्था और रिकॉर्ड निवेश
मुख्यमंत्री ने राज्य के वित्तीय विकास के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है:
- जीडीपी और वृद्धि दर: वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, और विकास दर 11.57 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,79,244 हो गई है।
- बजट 2026-27: 1.72 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में पूंजीगत व्यय, बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
- ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: ‘वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
2. ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की ओर युवा
राज्य सरकार का मुख्य फोकस युवाओं को रोजगार तलाशने वाले के बजाय रोजगार पैदा करने वाला बनाने पर है:
- 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य: वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने विचारों को धरातल पर उतारने के लिए ₹10 लाख तक की सीड फंड सहायता दी जा रही है।
- एआई (AI) और तकनीकी शिक्षा: भविष्य की तकनीक को अपनाते हुए 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा। नागरिकों के लिए 50 से अधिक एआई-आधारित सरकारी सेवाएं शुरू होंगी।
- एआई डेटा सेंटर पार्क: नवा रायपुर में ₹1,000 करोड़ की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क और ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे युवाओं के लिए अत्याधुनिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
3. बस्तर: छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का नया आधार
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बस्तर अब संघर्षों से निकलकर विकास और निवेश का नया अध्याय लिख रहा है:
- आजीविका और शिक्षा: बस्तर और आसपास के 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है। सुरक्षा सुधार के बाद क्षेत्र में 421 बंद स्कूल पुनः शुरू किए गए हैं।
- कनेक्टिविटी: ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना से बस्तर की व्यापारिक कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
- पर्यटन और वैल्यू एडिशन: चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र पर उभारा जा रहा है। साथ ही, लघु वनोपज और मिलेट्स की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग (Value Addition) से स्थानीय लोगों को अधिकतम आर्थिक लाभ मिल रहा है।
4. ग्रीन एनर्जी और भविष्य के ग्रोथ इंजन
पारंपरिक ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी रहने के बाद छत्तीसगढ़ अब हरित ऊर्जा (Green Energy) की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है:
- सौर ऊर्जा विस्तार: आगामी वर्षों में 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जा चुका है।
- विविध सेक्टर: स्टील और सीमेंट के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी को नए ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। राजनांदगांव में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 142 एकड़ का फार्मा पार्क प्रस्तावित हैं।
संसाधन से नवाचार तक का सफर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य अब केवल प्राकृतिक संसाधनों का कच्चा माल देने वाला क्षेत्र नहीं, बल्कि ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का हब बन रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिवद्वय श्री पी. दयानंद व श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल और आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह उपस्थित रहे।
