ब्लू वाटर हादसा: डूबे युवक की तलाश के लिए विशाखापट्टनम से आ रही भारतीय नौसेना की विशेष टीम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर तेज हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

रायपुर 23 अगस्त : राजधानी रायपुर के पास स्थित बहुचर्चित ‘ब्लू वाटर’ खदान में हुई दुर्घटना में डूबे युवा की खोजबीन को अब एक नया और निर्णायक मोड़ मिल गया है. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों और त्वरित पहल के बाद, भारतीय नौसेना (Indian Navy) के ईस्टर्न नेवल कमांड, विशाखापट्टनम से एक विशेष गोताखोर दल रायपुर के लिए रवाना हो चुका है. यह विशेषज्ञ टीम कल दोपहर दो से तीन बजे के बीच रायपुर पहुँचेगी और तुरंत घटनास्थल पर मोर्चा संभालते हुए सर्च ऑपरेशन को गति देगी.
विशेष दक्षता और आधुनिक संसाधनों से लैस होगी नौसेना की टीम
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईस्टर्न नेवल कमांड की इस विशेष रेस्क्यू टीम में 1 अनुभवी अधिकारी सहित कुल 10 अत्यधिक कुशल नौसैनिक गोताखोर (डाइवर्स) शामिल हैं. पानी के भीतर अत्यधिक गहराई, अंधेरे और जटिल परिस्थितियों में खोजबीन करने और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में इस विशेष दल को महारत हासिल है. खदान के अथाह और अत्यधिक गहरे पानी के कारण स्थानीय स्तर पर आ रही दिक्कतों को देखते हुए अब इस राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी और शारीरिक विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा.
घटना के बाद से लगातार जारी है प्रशासनिक प्रयास
उल्लेखनीय है कि माना थाना क्षेत्र के अंतर्गत नकटी गांव के पास स्थित ‘ब्लू वाटर’ खदान में दोस्तों के बीच तैरने की शर्त के दौरान एक युवा गहरे पानी में डूब गया था। घटना के बाद से ही राज्य की एसडीआरएफ (SDRF) टीम और स्थानीय पुलिस लगातार रेस्क्यू में जुटी हुई है, लेकिन खदान की अत्यधिक गहराई (जो सैकड़ों फीट गहरी बताई जाती है) के चलते तलाशी अभियान में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।
माम की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया है और खोज अभियान के लिए हरसंभव अत्याधुनिक संसाधन व शासकीय मदद उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री के इस कड़े और संवेदनशील रुख के बाद अब नौसेना की इस विशेष टीम के आने से डूबे हुए युवा की तलाश जल्द से जल्द पूरी होने की उम्मीद बंध गई है.
विशाखापट्टनम से नौसेना के विशेषज्ञों के कल दोपहर तक रायपुर पहुंचने के बाद ब्लू वाटर खदान में खोज अभियान को और अधिक वृहद और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा।
संपादकीय टिप्पणी: राजधानी के इस खतरनाक जल स्त्रोत में पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं, ऐसे में नौसेना के इस दल का आना न केवल रेस्क्यू के लिहाज से अहम है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का भी बड़ा उदाहरण है।
