- कुल लाभांवित नक्सली: 95 आत्मसमर्पित नक्सली
- कुल स्वीकृत राशि: 1 करोड़ 40 लाख 86 हजार 700 रुपये
- मुख्य नीति: छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025
- क्षेत्र: बीजापुर जिला
- नेतृत्व: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप

रायपुर 4 अगस्त : छत्तीसगढ़ में बस्तर अंचल को नक्सल मुक्त बनाने और हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति की राह चुनने वालों के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में, राज्य सरकार की ‘नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025’ के तहत बीजापुर जिले के 95 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 1 करोड़ 40 लाख 86 हजार 700 रुपये की भारी-भरकम प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
बीजापुर कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नीति के प्रावधानों के अनुरूप शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले इन सदस्यों को यह राशि अविलंब आहरित कर वितरित करने की अनुमति दे दी है।
नया जीवन और सम्मानजनक आजीविका का संकल्प
सरकार की इस कल्याणकारी पहल का मुख्य उद्देश्य हिंसा का त्याग कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है। इस प्रोत्साहन राशि से आत्मसमर्पित नक्सली अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकेंगे और स्वरोजगार व कृषि जैसे अन्य माध्यमों से सम्मानजनक आजीविका कमा सकेंगे।
शांति और विकास की ओर बढ़ता बस्तर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। ‘पुनर्वास नीति 2025’ केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भटके हुए लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक मानवीय संबल है। इस नीति के सकारात्मक परिणामों से बस्तर अंचल में हिंसा का काला साया छंट रहा है और वहां के नागरिकों के लिए शांति, शिक्षा, स्वास्थ्य और समृद्धि के नए द्वार खुल रहे हैं।
