कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: जांजगीर-चांपा में नियमों को ताक पर रखकर भंडारण करने वाले बालाजी कृषि केंद्र और 34 दिग्गज कीटनाशक कंपनियों को नोटिस
रायपुर 29 अगस्त : छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों और कृषि आदानों (कीटनाशकों व खादों) की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देशों पर कृषि विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। राज्य में बिना अनुमति और अवैध रूप से कीटनाशकों का कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
हाल ही में जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित मेसर्स बालाजी कृषि केंद्र पर कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ा छापा मारा। निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि उक्त फर्म बिना किसी वैध ‘प्रिंसिपल सर्टिफिकेट’ (Principal Certificate) के देश-प्रदेश की 34 नामचीन कीटनाशक कंपनियों के उत्पादों का भारी मात्रा में अवैध भंडारण कर रही थी।
नियमों का खुला उल्लंघन, मांगा गया स्पष्टीकरण
राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा यह औचक कार्रवाई 20 अगस्त 2026 को की गई थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि मेसर्स बालाजी कृषि केंद्र द्वारा कीटनाशी अधिनियम 1968 तथा कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों की गंभीर अनदेखी की जा रही है।
प्रशासन ने इस मामले में कड़ा कदम उठाते हुए न केवल संबंधित कृषि केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, बल्कि उन 34 कीटनाशक कंपनियों को भी आड़े हाथों लिया है जिनके उत्पाद वहां अवैध रूप से भंडारित मिले थे। सभी संबंधित कंपनियों को 02 सितंबर 2026 तक अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
नोटिस के दायरे में आने वाली प्रमुख कंपनियां
जांच के बाद कृषि विभाग द्वारा जिन बड़ी और नामचीन कंपनियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- प्रमुख राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियां: पीआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड, कॉर्टेवा एग्रीसाइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बीएएसएफ इंडिया लिमिटेड, बायरा क्रॉप साइंस लिमिटेड, सिनजेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, रालिस इंडिया लिमिटेड।
- अन्य नामी निर्माता फर्म्स: अतुल लिमिटेड, धर्माज क्रॉप गार्ड लिमिटेड, सेफेक्स केमिकल्स इंडिया लिमिटेड, इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, जीएसपी क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड।
- लॉजिस्टिक्स एवं सह-संबंधित फर्म्स: श्री वासु लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, आईपीएल ओवरसीज, गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मानव वेयरहाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, दिनेश एग्रो, एस.एल. लॉजिस्टिक्स कंपनी।
- क्षेत्रीय व अन्य इकाइयां: मेधनी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, विलोवुड केमिकल्स लिमिटेड, निचिनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, केमिनोवा इंडिया लिमिटेड, श्रीराम बायोकैम कॉर्पोरेशन, जय सी लाइफ साइंसेज, भगवती ओवरसीज, सरस्वती एग्रो केमिकल्स, जीवाग्रो लिमिटेड, एचपीएम केमिकल्स, आईपीएल बायोलॉजिकल लिमिटेड, ब्लू चिप मार्केटिंग कंपनी।
- अन्य जिले एवं राज्य की फर्म्स: बिलासपुर स्थित मेसर्स आलोक एग्रो केमिकल्स, राजनांदगांव स्थित मेसर्स खंडेलवाल पेस्टिसाइड्स प्राइवेट लिमिटेड, और तेलंगाना स्थित मेसर्स श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड।
प्रशासन की दो टूक: मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों को मानक स्तर के कीटनाशक और खाद तय दरों पर मिलें। अवैध भंडारण या बिना अनुमति कारोबार करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। निर्धारित समय सीमा में जवाब संतोषजनक न मिलने पर इन कंपनियों और फर्म्स के खिलाफ और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
