रायपुर के नंदनवन का 50 करोड़ की लागत से होगा कायाकल्प, पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा अत्याधुनिक बॉटनिकल गार्डन

रायपुर, 31 अगस्त 2026 — छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास स्थित नंदनवन को अब एक भव्य और आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। रायपुर जिले के अटारी गांव में स्थित नंदनवन के पुनर्विकास पर लगभग 50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा। यह पूरी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी, जिससे इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन और प्रकृति केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव श्री विकासशील के समक्ष इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण (प्रेजेंटेशन) दिया। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटकों की सुविधाओं और आकर्षण को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- बड़ा वित्तीय निवेश: नंदनवन के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- पीपीपी मॉडल (PPP Model): परियोजना को सफल और टिकाऊ बनाने के लिए इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) के आधार पर संचालित किया जाएगा।
- बॉटनिकल गार्डन का पुनरुद्धार: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बॉटनिकल गार्डन को पूरी तरह से नए सिरे से संवारा जाएगा।
- बेहतर जन-सुविधाएं: पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं, सुरक्षा, और मनोरंजन के आकर्षण केंद्र विकसित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में रहे दिग्गज अधिकारी मौजूद
समीक्षा बैठक के दौरान शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ
- वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव
- आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद
- एनआरडीए (NRDA) के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
इस परियोजना के धरातલ पर उतरने से न केवल रायपुर और आसपास के जिलों के प्रकृति प्रेमियों को एक शानदार सौगात मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन उद्योग को भी एक नया आयाम और बढ़ावा मिलेगा।
