छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की सख्त कार्रवाई: प्लेसमेंट एजेंसी ब्लैकलिस्ट, ₹10 लाख की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात

रायपुर, 31 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए एक कड़ा और अनुकरणीय कदम उठाया है। अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन करने और कर्मचारियों के वेतन से अनुचित कटौती करने वाली प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (राजनांदगांव) के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। मंडल ने न केवल एजेंसी की 10 लाख रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी (सुरक्षा निधि) पूरी तरह राजसात कर ली है, बल्कि उसे मंडल की काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में भी दर्ज कर दिया है। इस कार्रवाई से श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा संयुक्त निविदा के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने हेतु 1 जुलाई 2023 को उक्त एजेंसी के साथ अनुबंध किया गया था। इस निविदा की अवधि मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी थी।
कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंडल मुख्यालय में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई कि एजेंसी ने पांच माह की अवधि के दौरान उनके वेतन से सुरक्षा निधि के नाम पर जबरन और अनुचित कटौती की है। कर्मचारियों को आश्वस्त किया गया था कि कार्यकाल पूरा होने पर यह राशि उन्हें लौटा दी जाएगी, लेकिन अनुबंध समाप्त होने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई।
जांच में खुली पोल: दस्तावेजों और बैंक खातों से हुई पुष्टि
कर्मचारियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडल ने उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक खातों और भुगतान संबंधी अभिलेखों की गहन जांच की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
- एजेंसी द्वारा कर्मचारियों के वेतन से किश्तों में अवैध रूप से राशि की कटौती की गई थी।
- मंडल द्वारा एजेंसी को भुगतान की गई कुल राशि की तुलना में संबंधित कर्मचारियों को काफी कम वेतन दिया गया था।
- मामले में नोटिस मिलने पर एजेंसी ने अपने जवाब में वेतन से राशि काटने की बात लिखित रूप में स्वीकार की, हालांकि शिकायत के बाद कुछ कर्मचारियों को आंशिक राशि वापस किए जाने का प्रयास भी किया गया।
इन नियमों और शर्तों का हुआ उल्लंघन
जांच और एजेंसी के जवाब से यह स्पष्ट हो गया कि उसने निविदा और अनुबंध में तय नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं:
- शर्त क्रमांक 1.5: इसके तहत भविष्य में संतोषप्रद कार्य न करने पर Performance Security जब्त किए जाने का प्रावधान है।
- कंडिका 11 (vii): कर्मचारियों के EPF, ESIC अंशदान और समय पर सही वेतन भुगतान की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य था।
- श्रम कानूनों की अनदेखी: एजेंसी के लिए EPF Act, ESIC Act, LWF Act और Minimum Wages Act का कड़ाई से पालन करना जरूरी था। नियमों का पालन न करने पर ब्लैकलिस्ट करने का स्पष्ट प्रावधान था।
आयुक्त अवनीश कुमार शरण की दो टूक: कर्मचारियों के हितों से कोई समझौता नहीं
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि प्लेसमेंट कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों और पारिश्रमिक में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मंडल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे अधीन कार्यरत हर कर्मचारी को नियमानुसार पूरा वेतन, EPF, ESIC और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ समय पर मिलें। किसी भी कर्मचारी के वेतन से अनुचित कटौती या लापरवाही पाए जाने पर भविष्य में भी ऐसी ही सख्त और अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी।”
इस बड़ी कार्रवाई के बाद मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (हेड ऑफिस: न्यू चन्द्रा कॉलोनी, वार्ड-18, हनुमंतपुरम, राजनांदगांव) को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जिससे यह साफ हो गया है कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार और श्रमिकों के शोषण के खिलाफ मंडल जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
