रायपुर / राजनांदगांव 4 अगस्त : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के विचारों और संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एक ऐतिहासिक और भव्य घोषणा की है। संत रविदास जी की आने वाली 650वीं जयंती (वर्ष 2027) के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कई बड़े और अनुकरणीय निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री के इन घोषणाओं से राज्यभर के अनुयायियों और संतों में भारी उत्साह का माहौल है।
मुख्य घोषणाएँ एक नजर में:
- वर्ष 2027 में सार्वजनिक अवकाश: संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर वर्ष 2027 की माघ पूर्णिमा के दिन पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
- मांस और मदिरा विक्रय पर पाबंदी: उस पवित्र दिन पर राज्यभर में मांस और मदिरा का विक्रय पूरी तरह से वर्जित रहेगा, जिससे गरिमापूर्ण और आध्यात्मिक माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
- नया राज्य अलंकरण पुरस्कार: संत रविदास जी के नाम पर अब छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक विशिष्ट ‘राज्य अलंकरण पुरस्कार’ की शुरुआत की जाएगी, जो समाज सेवा और समता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को दिया जाएगा।
- विधानसभा की दीवारों पर संदेश: मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह किया है कि गुरु रविदास जी के महान व प्रेरणादायी संदेशों को छत्तीसगढ़ विधानसभा की दीवारों पर अंकित कराया जाए, ताकि सदन के भीतर और बाहर हर कोई उनके विचारों से प्रेरित हो सके।
समरसता और मानवता के संदेश को विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को प्रेम, भाईचारे, कर्मठता और समरसता का जो मार्ग दिखाया है, वह आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। सरकार का यह कदम महान संतों के विचारों को भावी पीढ़ी तक पहुँचाने और उनके आदर्शों पर चलने का एक मजबूत माध्यम बनेगा।
यह ऐतिहासिक पहल छत्तीसगढ़ सरकार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
