छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर साय सरकार का कड़ा रुख: जीपीएम जिले में खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 4 ट्रैक्टर जब्त

रायपुर | 3 सितंबर 2026 — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन करने वालों के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत और मिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 4 ट्रैक्टरों को धर दबोचा है। इस सख्त कार्रवाई से खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
## प्रमुख बिंदु एवं प्रशासनिक कार्रवाई
- सख्त निर्देश: कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के स्पष्ट निर्देशों के बाद खनिज विभाग ने जिलेभर में निगरानी बढ़ा दी है।
- बड़ी जब्ती: सिलपहरी क्षेत्र से रेत का अवैध परिवहन करते 3 ट्रैक्टर और ज्योतिपुर तिराहा से ईंट निर्माण के लिए मिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर को पकड़ा गया।
- सुरक्षित अभिरक्षा: जब्त किए गए वाहनों में से 3 ट्रैक्टरों को अमरपुर थाना परिसर तथा 1 ट्रैक्टर को नगर सैनिक परिसर में कड़ी सुरक्षा में खड़ा कराया गया है।
- विधिक कार्रवाई: सभी वाहन मालिकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(5) एवं 23(क) के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- सक्रिय टीम: इस सफल कार्रवाई में खनि निरीक्षक श्री सुजीत कंवर, श्री शिवकुमार लहरे, श्री सतीश साहू और सैनिक श्री साहिब गनी की सराहनीय भूमिका रही।
## प्राकृतिक संपदा और राजस्व की सुरक्षा सर्वोपरि
जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले के प्राकृतिक संसाधन जनता की सामूहिक थाती हैं, जिनके अवैध दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई केवल वाहनों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व को सुरक्षित करना, पर्यावरणीय संतुलन को बचाना और अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाना है।
## अभियान रहेगा निरंतर जारी
खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ यह मुहिम आगे भी इसी तेज़ी के साथ लगातार जारी रहेगी। प्रशासन की इस सक्रियता से यह संदेश साफ है कि नियमों को ताक पर रखकर अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अतिरिक्त जानकारी: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज चोरी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और मैदानी अमले को पूरी छूट दी गई है, जिससे राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
