## चार दशकों के खूनी साए से मुक्त हुआ बस्तर: अब देश का नंबर-1 आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
‘डबल इंजन’ सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों की अदम्य वीरता से बस्तर में रचा गया नया इतिहास; मुख्यमंत्री ने विकास के महा-अभियान का किया ऐलान

रायपुर / बस्तर 4 सितम्बर : छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक स्वर्णिम और अभूतपूर्व अध्याय जुड़ गया है। जिस बस्तर अंचल का नाम पिछले चार दशकों से केवल गोलियों की गूंज, बारूदी सुरंगों और नक्सली हिंसा के साथ जोड़ा जाता था, वहाँ अब शांति, विश्वास और विकास का नया सूरज उग आया है। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक ऐतिहासिक बयान में घोषणा की है कि दशकों पुराना नक्सलवाद अब बस्तर से समाप्त हो चुका है। सरकार की दूरदर्शी नीतियों, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस ने वह असंभव सा दिखने वाला काम कर दिखाया है जिसे कल तक नामुमकिन माना जा रहा था।
## असंभव को कैसे बनाया गया संभव?
बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक देश के सबसे बड़े आंतरिक सुरक्षा संकट (नक्सलवाद) से जूझता रहा। पीढ़ियों तक यहाँ के नागरिकों ने हिंसा, भय और पिछड़ेपन का दंश झेला। लेकिन बीते कुछ समय में केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा अपनाई गई समन्वित और आक्रामक रणनीति ने स्थिति को पूरी तरह पलट दिया:
- मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति: केंद्र और राज्य नेतृत्व ने नक्सलवाद के खात्मे को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया। केंद्रीय गृह मंत्रालय की सीधी निगरानी और रणनीतिक मार्गदर्शन ने सुरक्षाबलों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुँचा दिया।
- जवानों का अदम्य साहस: दुर्गम जंगलों, पहाड़ियों और बारूदी रास्तों की परवाह किए बिना छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी (DRG), सीआरपीएफ (CRPF) और कोबरा बटालियन के जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर नक्सलियों के गढ़ों को नेस्तनाबूद कर दिया।
- रणनीतिक कैंपों का विस्तार: बस्तर के सुदूर और संवेदनशील इलाकों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए, जिससे शासन की पहुँच सीधे वहाँ तक सुनिश्चित हुई जहाँ कभी प्रशासन का फटकना भी मुश्किल था।
## अब बस्तर में शुरू होगा ‘विकास का महा-अभियान’
नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही बस्तर के लिए विनाश और अवरोध का अध्याय हमेशा के लिए बंद हो चुका है। अब बस्तर की माटी में सृजन और विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि सरकार अब युद्धस्तर पर बस्तर के कोने-कोने तक विकास पहुँचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
सरकार की इस मेगा-योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- सर्वश्रेष्ठ आदिवासी संभाग का निर्माण: बस्तर को केवल नक्सलमुक्त करना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि इसे ‘देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग’ बनाना है।
- बुनियादी सुविधाओं का विस्तार: हर गाँव तक पक्की सड़कें, पुल-पुलिया, बिजली, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक संचार व्यवस्था (मोबाइल टॉवर) पहुँचाई जा रही है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्रांति: सुदूर अंचल के बच्चों के लिए एकलव्य विद्यालयों और आधुनिक स्कूलों का सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं (अस्पतालों व मोबाइल मेडिकल यूनिट्स) की सुलभ उपलब्धता।
- आर्थिक स्वावलंबन और रोजगार: स्थानीय युवाओं को रोजगार, लघु वनोपज का उचित मूल्य, और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर बस्तर के आर्थिक विकास को पंख दिए जा रहे हैं।
## बस्तर के भविष्य पर एक नजर (Fact Sheet)
| पैमाना | पुरानी स्थिति (चार दशक) | वर्तमान एवं भविष्य का विजन |
|---|---|---|
| सुरक्षा स्थिति | लगातार हिंसा, बारूदी सुरंगें और भय का माहौल | नक्सलवाद का अंत, शांति और कानून का राज |
| प्रशासनिक पहुँच | कई सुदूर क्षेत्र सरकार और पुलिस की पहुँच से बाहर | हर गाँव तक पुलिस कैंप और प्रशासनिक योजनाओं का लाभ |
| विकास लक्ष्य | बुनियादी सुविधाओं का अभाव, पिछड़ापन | शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का जाल; देश का नंबर-1 आदिवासी संभाग |
| जनजीवन | पलायन, भय और संकट से ग्रस्त जीवन | सुरक्षित माहौल, स्थानीय स्तर पर रोजगार और खुशहाली |
“जो बस्तर कभी देश के लिए एक चुनौती माना जाता था, वह अब छत्तीसगढ़ और देश के गौरव का प्रतीक बनने जा रहा है। हमने चार दशकों के अंधकार को पीछे छोड़कर विकास के उजाले की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। बस्तर के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली लाना हमारा परम धर्म है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
## निष्कर्ष और जनमानस की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पूरे छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर संभाग में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल है। दशकों बाद बस्तर के आदिवासियों और युवाओं ने खुलकर खुली हवा में सांस ली है और विकास की इस नई सुबह का स्वागत किया है। यह समाचार इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत नेतृत्व से दुनिया की हर बड़ी चुनौती को हराया जा सकता है।
