मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में जल संसाधन मंत्रियों की कार्यशाला में लिया हिस्सा, छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण पर हुई विशेष चर्चा

रायपुर 4 सितम्बर / नई दिल्ली छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित भाजपा शासित प्रदेशों के जल संसाधन मंत्रियों की राष्ट्रीय कार्यशाला में शिरकत की। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन से भी उनकी सार्थक मुलाकात हुई।
कार्यशाला के दौरान मुख्य रूप से जल संचय (Water Harvesting) और जल संरक्षण (Water Conservation) जैसे गंभीर एवं भविष्योपयोगी विषयों पर व्यापक मंथन किया गया।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के जल प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन से देश के सभी भाजपा शासित राज्यों को जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक स्पष्ट दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य में जल संकट से निपटने और भू-जल स्तर को सुधारने के लिए इसी विजन के साथ तेजी से कार्य कर रही है।
छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण पर विशेष जोर
राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई चर्चा में मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ में जल संचय और संरक्षण की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, गांवों में तालाबों के गहरीकरण, चेक डैम के निर्माण और वर्षा जल के संचयन के लिए प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
भविष्य की रणनीति पर मंथन
इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सहित अन्य भाजपा शासित राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, कम पानी में अधिक सिंचाई (पर ड्राप मोर क्रॉप) और जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण अभियानों पर अपने विचार रखे।
मुख्य बिंदु (Highlights):
- प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन: कार्यशाला में पीएम मोदी के विजन से मिली जल संरक्षण की नई दिशा।
- राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन से हुई खास राजनीतिक और विकासात्मक चर्चा।
- छत्तीसगढ़ का विजन: राज्य में भू-जल स्तर बढ़ाने और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने पर विशेष फोकस।
