छत्तीसगढ़ में खिलेगी टेक्सटाइल उद्योग की नई बहार: सीएम विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से की अहम मुलाकात

– कोसा और हथकरघा को मिलेगा वैश्विक बाजार, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
– केंद्र और राज्य के तालमेल से छत्तीसगढ़ बनेगा देश का प्रमुख वस्त्र निर्माण केंद्र
रायपुर 4 दिसंबर /नई दिल्ली
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को एक नई और मजबूत गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह से एक उच्चस्तरीय मुलाकात की। इस दौरान राज्य में टेक्सटाइल (वस्त्र) उद्योग के अभूतपूर्व विस्तार और स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने को लेकर बेहद सकारात्मक और परिणाममूलक चर्चा हुई।
ऐतिहासिक विरासत और कोसा सिल्क को मिलेगी नई उड़ान
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ की प्राचीन और समृद्ध वस्त्र संस्कृति का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य का विश्वप्रसिद्ध कोसा सिल्क, पारंपरिक हथकरघा और स्थानीय हस्तशिल्प न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं।
राज्य सरकार की मंशा इन पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक से लैस कर इनके उत्पादन और दायरे को राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की है।
युवाओं के लिए रोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा
मुलाकात का मुख्य केंद्रबिंदु छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना रहा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि:
- कुटीर से कॉर्पोरेट: छोटे और स्थानीय उद्योगों को बड़े टेक्सटाइल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
- बृहत पैमाने पर निवेश: राज्य में वस्त्र क्षेत्र के नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
- कौशल विकास: स्थानीय कारीगरों और हुनरमंद युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
‘डबल इंजन’ सरकार का समन्वय लाएगा रंग
केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल सेक्टर की अपार संभावनाओं पर गहरी रुचि दिखाई। दोनों नेताओं के बीच इस बात पर पूरी सहमति बनी कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर और मजबूत समन्वय से छत्तीसगढ़ को देश के नक्शे पर एक प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस दौरान आगामी परियोजनाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी रूपरेखा पर विचार किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात के बाद जल्द ही छत्तीसगढ़ को वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में केंद्र सरकार की कई बड़ी सौगातें मिल सकती हैं, जिससे राज्य के आर्थिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
