छत्तीसगढ़: नक्सलवाद के साए से मुक्त होकर विकास, डिजिटल सुशासन और औद्योगिक महाशक्ति बनता राज्य

रायपुर 6 सितम्बर : कभी देश और दुनिया में लाल आतंक की गूंज और हिंसा की खौफनाक तस्वीरों के लिए पहचाने जाने वाला छत्तीसगढ़ अब अपनी तकदीर और तस्वीर दोनों बदल चुका है। डबल इंजन सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्र और राज्य के बीच बेहतरीन समन्वय, केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के बल पर राज्य ने नक्सलवाद की कमर तोड़ दी है। आज छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तीकरण और रिकॉर्ड औद्योगिक निवेश के एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है।
राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में प्रतिष्ठित समाचार चैनल ‘लाइव टाइम्स’ द्वारा आयोजित भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़@2047’ (एलटी एक्सचेंज) में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने ओजस्वी संबोधन में इन ऐतिहासिक बदलावों का विस्तृत खाका खींचा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विजन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी और सबसे विकसित राज्यों की पंक्ति में गर्व से खड़ा होगा।
1. नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक विजय: बस्तर में अमन, चैन और विश्वास की वापसी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती संस्मरण साझा करते हुए बताया कि कैसे कभी उनका गृह संभाग सरगुजा भी नक्सल हिंसा की आग में सुलग रहा था, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सफलतापूर्वक नक्सल मुक्त कराया गया था।
- ऐतिहासिक रणनीति और निर्णायक अभियान: वर्ष 2023 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद, जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने उच्चस्तरीय बैठक ली थी। उस समय देश के कुल शेष नक्सलवाद का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा अकेले छत्तीसगढ़ में केंद्रित था। केंद्र और राज्य के मजबूत समन्वय से सुरक्षा बलों ने ऐतिहासिक वीरता और पराक्रम दिखाया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जवानों के इस सर्वोच्च बलिदान और समर्पण को छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा।
- बस्तर में धारणा बदली: कभी नक्सल हिंसा के लिए कुख्यात रहे छत्तीसगढ़ के प्रति अब देश और दुनिया की सोच पूरी तरह सकारात्मक हो चुकी है। जल संचय के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल करना इसी बदलते और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ की एक बड़ी मिसाल है।
2. ‘नियद नेल्लानार’ और ‘सेवा डेरा’: बस्तर के अंतिम छोर तक पहुंच रही रोशनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति शुरू से बिल्कुल स्पष्ट रही है कि नक्सलवाद का संपूर्ण समाधान केवल सुरक्षा अभियानों से नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा और जनविश्वास से ही संभव है।
- गांवों तक पहुंची सरकार: लगभग चार दशकों तक जो बस्तर नक्सल आतंक के कारण विकास से पूरी तरह वंचित था, वहां ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत सुरक्षा कैंपों की स्थापना के साथ ही सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। दूरस्थ अंचलों में पहली बार आदिवासियों के राशन कार्ड बने हैं। पहले ग्रामीणों को राशन के लिए पांच दिन तक भटकना पड़ता था, आज सरकार खुद उनके द्वार तक पहुंच रही है।
- कैंप बने ‘सेवा डेरा’: अब सुरक्षा कैंपों को आधुनिक ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के सुनहरे अवसर दिए जा रहे हैं। साथ ही, बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं और इसके लिए ऋण तथा सब्सिडी की विशेष व्यवस्था की गई है।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और मातृभाषा में पढ़ाई: दंतेवाड़ा के प्रसिद्ध एजुकेशन हब की तर्ज पर इस वर्ष के बजट में ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने का प्रावधान किया गया है। गीदम में नए मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे बस्तर में अब गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव हो गया है। आदिवासी नौनिहालों को उनकी अपनी मातृभाषा गोंडी और हल्बी में प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है।
- बस्तर मुन्ने अभियान और सिंचाई परियोजनाएं: ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान के जरिए अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को योजनाओं से जोड़ रहे हैं। किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए इंद्रावती नदी पर देऊरगांव और मटनार परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 80 हजार एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया जा रहा है। सरकार बस्तर का विकास मॉडल बाहर से थोपने के बजाय वहां के लोगों की जरूरत, संस्कृति और आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार कर रही है।
3. गरीब कल्याण, महतारी वंदन और किसान समृद्धि
प्रदेश के हर वर्ग के उत्थान के लिए सरकार ने पदभार संभालते ही कई ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं:
- प्रधानमंत्री आवास योजना: सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख गरीबों के पक्के मकानों को स्वीकृति दी गई। पिछले दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवासों का निर्माण हो चुका है और प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। गरीब के लिए पक्का मकान केवल छत नहीं, बल्कि उसके सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है।
- महतारी वंदन योजना: राज्य की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है, जिसकी अब तक 31 किश्तें जारी हो चुकी हैं। यह राशि ग्रामीण महिलाओं के छोटे-छोटे आर्थिक निर्णयों, किराना दुकान, सिलाई मशीन और स्वरोजगार में बड़ी मददगार साबित हो रही है। आत्मीयता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश के दौरों पर बहनें उन्हें ‘भैया’ कहकर पुकारती हैं, तो वह उनके लिए सबसे संतोष और गर्व का क्षण होता है।
- किसान समृद्धि: कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सरकार अन्नदाताओं के हितों के प्रति पूरी तरह समर्पित है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के साथ आधुनिक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
4. सवा आठ लाख करोड़ के निवेश से औद्योगिक क्रांति और AI मिशन
छत्तीसगढ़ अब केवल कृषि और खनिज तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की तकनीकों और ग्लोबल इन्वेस्टर्स का नया हब बन रहा है।
- रिकॉर्ड औद्योगिक निवेश: नई औद्योगिक नीति और निवेशकों के अनुकूल पारदर्शी माहौल के कारण छत्तीसगढ़ को सवा आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव (MoU) प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में ‘मेडिसिटी’ का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर प्लांट और डेटा सेंटर जैसी भविष्य की तकनीकों से जुड़े प्रोजेक्ट्स तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं। देश के चारों प्रमुख महानगरों के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया तक छत्तीसगढ़ की औद्योगिक ताकत का डंका बजा है, जिसे वैश्विक स्तर पर जबरदस्त प्रतिसाद मिला है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन: भविष्य की डिजिटल जरूरतों को पहचानते हुए राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन पर काम शुरू हो चुका है। इसके तहत प्रदेश के 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को AI का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी इसका उपयोग किया जा रहा है।
- सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और धर्मांतरण पर कठोर कानून: छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है। ई-फाइल प्रणाली लागू कर शासकीय प्रक्रियाओं को बेहद पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। इसके साथ ही, गरीबों और अशिक्षितों की मजबूरी या बहकावे का फायदा उठाकर अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कराने वालों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोरतम कानून लागू किया है।
निष्कर्ष: विकसित छत्तीसगढ़@2047 की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के पास प्रचुर प्राकृतिक संपदा, ऊर्जा, उपजाऊ भूमि और ऊर्जावान युवा शक्ति मौजूद है। नक्सलवाद से मुक्ति, बस्तर में शांति, गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, रिकॉर्ड निवेश और पारदर्शी डिजिटल प्रशासन के बल पर छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ के सपने को साकार करने में देश का सबसे मजबूत स्तंभ और अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।
