आध्यात्मिक चेतना और जनसेवा का अनूठा संगम: राजगामी सम्पदा अध्यक्ष पूर्णिमा साहू ने बंधवाया रक्षासूत्र

- वरदान भवन पहुँचीं श्रीमती साहू; ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहनजी ने कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर दिया ईश्वरीय आशीष
- अध्यक्ष बोलीं— ‘ब्रह्माकुमारीज़ के सेवाकार्य समाज को नैतिक और मानवीय मूल्यों से कर रहे हैं समृद्ध’
राजनांदगांव 6 सितम्बर ।
आध्यात्मिक चेतना, पवित्रता और जनसेवा के संकल्पों का एक बेहद गरिमामय संगम स्थानीय ‘वरदान भवन’ में देखने को मिला। अवसर था राजगामी सम्पदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू के वरदान भवन आगमन का, जहाँ उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की राजनांदगांव जिला प्रभारी ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहनजी से आत्मीय मुलाकात की। इस पावन और आध्यात्मिक वातावरण के बीच पुष्पा बहनजी ने पूर्ण मर्यादा व वैदिक रीति से श्रीमती साहू की कलाई पर रक्षा का पवित्र सूत्र (राखी) बांधा और तिलक लगाकर उनके यशस्वी, दीर्घायु एवं लोक-कल्याणकारी जीवन की कामना की।
पवित्रता का धागा, समाज की सुरक्षा का संकल्प: पूर्णिमा साहू
रक्षा सूत्र बंधवाने के पश्चात अपने सारगर्भित उद्बोधन में राजगामी सम्पदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान वैश्विक स्तर पर मानवीय संवेदनाओं, शांति और सद्भाव की अलख जगा रहा है। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “यह रक्षासूत्र मात्र एक सूत का धागा नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी जवाबदेही, आंतरिक पवित्रता और आत्मिक सुरक्षा का महासंकल्प है। वरदान भवन से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा और ईश्वरीय आशीर्वाद मुझे जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता से आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करेगा।”
आंतरिक विकारों से मुक्ति ही सच्ची आत्म-रक्षा: पुष्पा बहन
इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय और साधकों को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहनजी ने रक्षाबंधन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य को बाहरी सुरक्षा से कहीं अधिक अपने आंतरिक विकारों (काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार) से रक्षा की आवश्यकता है। जब आत्मा परमात्मा के सानिध्य में आकर पवित्रता का संकल्प लेती है, तो समाज से स्वतः ही बुराइयों का अंत होने लगता है। उन्होंने श्रीमती पूर्णिमा साहू के दायित्वों की सराहना करते हुए उन्हें ईश्वरीय सौगात व प्रसाद भेंट किया।
इस गरिमामय और अध्यात्म से सराबोर कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ राजयोगी भाई-बहन, शहर के प्रबुद्ध नागरिक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
