‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को मिली ऐतिहासिक रफ्तार: 10,783 करोड़ की रेल परियोजनाओं से बदलेगी प्रदेश की तकदीर
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने दी मंजूरी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया आभार
- बिलासपुर-पेंड्रा तीसरी और कटनी-पेंड्रा चौथी लाइन के निर्माण से खत्म होगा ट्रेनों का इंतजार
- 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता से औद्योगिकीकरण और व्यापार को मिलेगी नई उड़ान
- अचानकमार टाइगर रिजर्व, रतनपुर और मल्हार जैसे ऐतिहासिक-धार्मिक स्थल जुड़ेंगे बेहतर कनेक्टिविटी से

रायपुर/बिलासपुर 9 सितम्बर :
छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और आर्थिकी के इतिहास में बुधवार का दिन एक स्वर्णिम मील का पत्थर साबित हुआ है। केंद्र सरकार ने देश के कई राज्यों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 हजार 783 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत वाली तीन मेगा मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को अपनी हरी झंडी दे दी है।
इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे ‘विकसित भारत के सपने के साथ विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को मजबूत करने वाला सबसे बड़ा कदम बताया है। इन परियोजनाओं के तहत बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की रेल जीवनरेखा को अभूतपूर्व मजबूती देंगे।
1. ट्रेनों की लेट-लतीफी से मिलेगी मुक्ति, पटरियों पर बढ़ेगी रफ्तार
वर्तमान में छत्तीसगढ़ का यह व्यस्त रेल मार्ग भारी दबाव और ट्रैफिक कंजेशन (यातायात के दबाव) से जूझ रहा है। इसके कारण अक्सर यात्री ट्रेनें देरी से चलती हैं और मालगाड़ियों को भी सिग्नल के लिए इंतजार करना पड़ता है।
- इन नई लाइनों के बन जाने से इस रेल कॉरिडोर की क्षमता में भारी वृद्धि होगी।
- ट्रेनों का परिचालन बेहद सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा।
- इस पूरे प्रोजेक्ट से देश के 5 राज्यों (पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के 14 जिलों की तकदीर बदलेगी, जिससे लगभग 56 लाख आबादी और 4,790 गांवों को सीधा और आधुनिक रेल नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
2. ‘धान का कटोरा’ अब बनेगा ‘औद्योगिक महाशक्ति’
छत्तीसगढ़ देश का खनिज और औद्योगिक रूप से सबसे समृद्ध राज्य है। यहां कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।
- बढ़ेगी फ्रेट (माल ढुलाई) क्षमता: इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से देश भर में कुल मिलाकर प्रतिवर्ष लगभग 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी।
- मिलेगी लॉजिस्टिक्स को गति: उद्योगों को कच्चा माल समय पर मिलने और तैयार माल को देश के अन्य कोनों तक भेजने में आसानी होगी। इससे राज्य में नए उद्योगों की स्थापना, भारी-भरकम निवेश (Investment) और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
3. पर्यटन और आस्था के केंद्रों की कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट
यह परियोजना केवल माल ढुलाई या आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और प्राकृतिक वैभव को देश-दुनिया से जोड़ने का काम करेगी। बेहतर रेल नेटवर्क बनने से पर्यटकों की राह बेहद आसान हो जाएगी:
- अचानकमार टाइगर रिजर्व: वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यहाँ पहुँचना अब और भी सुगम होगा।
- ऐतिहासिक नगरी मल्हार: प्राचीन पुरातात्विक महत्व के इस केंद्र तक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी।
- रतनपुर (महामाया मंदिर) और खुटाघाट बांध: छत्तीसगढ़ की आस्था के प्रमुख केंद्र और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अब सीधे तौर पर मजबूत रेल मार्ग से जुड़ जाएंगे। इससे स्थानीय आर्थिकी और होम-स्टे तथा टूरिज्म सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
4. ‘पीएम गति शक्ति’ और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मेल
यह पूरा प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी ‘पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के तहत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करना और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। इसके साथ ही यह पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी बेहद क्रांतिकारी है:
- रेलवे के माध्यम से परिवहन होने से सालाना लगभग 12 करोड़ लीटर तेल (ईंधन) के आयात की भारी बचत होगी।
- वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी और लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन घटेगा—जो कि पर्यावरण पर 2.48 करोड़ नए पौधे लगाने के बराबर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य उद्गार:
“मजबूत रेल नेटवर्क किसी भी राज्य के समग्र और समावेशी विकास की रीढ़ होता है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। यह सौगात छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगी और हमारे युवाओं के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगी।”
