‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प का महायज्ञ: 17 सितंबर से पूरे प्रदेश में गूंजेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शंखनाद
रायपुर। आधुनिक भारत के इतिहास में सुशासन, अंत्योदय और जनसेवा के 25 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण करने वाले यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ एक ऐतिहासिक और विराट राष्ट्रव्यापी आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के इन 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा—जो महज एक पद की नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन, संकल्प और ठोस परिणामों का अप्रतिम जीवंत दस्तावेज है—के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का महाआयोजन होने जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में एक उच्चस्तरीय और महती प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए इस बहुआयामी अभियान की विस्तृत और भव्य रूपरेखा देश और प्रदेश के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि एक सामान्य परिवार से निकलकर राष्ट्र और मानवता को अपना जीवन समर्पित करने वाले प्रधानमंत्री मोदी का हर एक कदम करोड़ों देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की गाथा लिख रहा है।
जनसेवा के 25 वर्ष: गरीब कल्याण और बदलाव के स्वर्णिम आयाम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन करोड़ों परिवारों की ओर से सहृदय धन्यवाद और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है, जिनकी जिंदगी प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों और योजनाओं से पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले एक दशक में देश की तस्वीर बदलने वाले इन ऐतिहासिक पड़ावों पर उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला:
- गरीबी के अंधकार से मुक्ति और अन्न सुरक्षा: प्रधानमंत्री मोदी के विजन का ही परिणाम है कि पिछले 10 वर्षों के भीतर देश के लगभग 25 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी के कुचक्र से बाहर आए हैं। आज ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत देश के 81 करोड़ नागरिकों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, जो देश के हर नागरिक के जीवन की बुनियादी सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- किसानों के खातों में सीधी समृद्धि: ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 25.51 लाख से अधिक अन्नदाताओं के बैंक खातों में अब तक 11,277 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है, जिससे खेती-किसानी को नई ताकत मिली है।
- मातृशक्ति का वंदन और जीवन आसान: ‘उज्ज्वला योजना’ के जरिए छत्तीसगढ़ की लगभग 39 लाख 54 हजार माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं के अभिशाप से मुक्ति मिली है। वहीं, ‘जल जीवन मिशन’ ने महिलाओं के जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा को दूर करते हुए राज्य के 41 लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों के घरों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया है।
- जनजातीय गौरव और समग्र विकास: आदरणीय प्रधानमंत्री की जनजातीय समाज के प्रति संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि देश को श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में जनजातीय समाज से पहली महिला राष्ट्रपति का गौरव प्राप्त हुआ। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित कर जनजातीय अस्मिता को वैश्विक पहचान दी गई। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गांवों का चौमुखी और समग्र विकास हो रहा है। इसके साथ ही, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ में हर रोज लगभग 1600 पक्के मकान आकार ले रहे हैं, और ‘पीएम जनमन योजना’ से 56 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) परिवारों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और बस्तर में शांति का नया सूर्योदय: आन्तरिक सुरक्षा का नया अध्याय
देश की सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक शांति के मोर्चे पर प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ राजनीतिक नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भारत की एकता और अखंडता पर आंख उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति से लेकर उरी, बालाकोट और पहलगाम के बाद अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया है कि नए भारत का राजनीतिक नेतृत्व किस दृढ़ संकल्प शक्ति से लैस है।
छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील अंचल बस्तर को लेकर मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व के परिणामस्वरूप दशकों पुरानी खूनी नक्सल समस्या का अब हमेशा के लिए खात्मा हो चुका है। “बस्तर के घने और डरावने जंगलों से लाल आतंक का हमेशा के लिए सूर्यास्त हो चुका है और बस्तर की पावन भूमि पर शांति का एक नया और स्वर्णिम सूर्योदय हुआ है।”
‘सेवा संकल्प अभियान’ (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) की महा-रूपरेखा: एक जन-उत्सव
मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि यह अभियान समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए एक महा-उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न चरणों में अनूठी गतिविधियां होंगी:
- आशीर्वाद का दीया (17 सितंबर): प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन की संध्या पर ठीक 7 बजे छत्तीसगढ़ के हर घर में एक दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। इस ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूह की दीदियों और पीएम आवास के हितग्राहियों की विशेष सहभागिता होगी। साथ ही, 25 हजार शिक्षण संस्थानों के लगभग 50 लाख विद्यार्थी ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी सृजनात्मकता प्रदर्शित करेंगे।
- सांस्कृतिक और जन-माध्यम: ‘नमो सेवा – अनकही कहानियां’ के तहत नुक्कड़ नाटक और संगीतिक प्रस्तुतियों से जनकल्याणकारी योजनाओं और छत्तीसगढ़ के बदलाव को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।
- आंगन मिलन सेवा: आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, स्वास्थ्य, मातृ-शिशु देखभाल और स्वस्थ शिशु प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
- सेवा मेरा योगदान (23 से 25 सितंबर): नागरिकों, युवाओं और संस्थाओं द्वारा रक्तदान, वृहद वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, जल संरक्षण, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा में सहयोग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे सेवा कार्य किए जाएंगे।
- रंगोली व सांस्कृतिक स्पंदन (29 सितंबर): ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ थीम पर भव्य रंगोली प्रतियोगिताएं होंगी। साथ ही, ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के माध्यम से बदलते और विकसित होते बस्तर की प्रेरक तस्वीर पूरे देश के सामने लाई जाएगी।
- सेवा सेतु – सरकार आपके द्वार: ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के स्वीकृति-पत्र वितरित किए जाएंगे और राजस्व मामलों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।
- जल जन सेवा संकल्प: जल स्रोतों की सफाई, जल चौपाल और नदी घाटों की स्वच्छता के माध्यम से जल संरक्षण का बड़ा संदेश दिया जाएगा।
- सेवा ज्योति कलश यात्रा (7 अक्टूबर): यह यात्रा विकसित भारत के संकल्प को ग्राम पंचायत से लेकर जिला और राज्य स्तर तक पहुंचाएगी। युवाओं के लिए विशेष तौर पर ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन होगा।
- भव्य समापन – सुशासन सेवा संवाद (17 अक्टूबर): ‘जनसेवक महाकुंभ – पंचायत से पार्लियामेंट’ की अवधारणा पर आधारित इस महासम्मेलन के साथ अभियान का समापन होगा, जहां सेवा और सुशासन के अनुभवों का वृहद आदान-प्रदान होगा।
अन्त्योदय के मंत्र पर आगे बढ़ती भाजपा और मीडिया की भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा ‘अन्त्योदय’ के मूल मंत्र पर चलने वाली पार्टी है। हमारे प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए यह अभियान समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचने और उनसे सीधा संवाद स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर है। बूथ स्तर तक उन सभी परिवारों से संपर्क किया जाएगा, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की वजह से गुणात्मक और सकारात्मक बदलाव आया है।
उन्होंने मीडिया जगत के साथियों का आह्वान करते हुए कहा कि जन-कल्याण और जीवन बदलाव की इन प्रेरक कहानियों को संचार माध्यमों के जरिए जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे समाज में एक सकारात्मक और सृजनात्मक वातावरण का निर्माण होता है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समस्त जनता से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अभियान में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की सशक्त और अभूतपूर्व भागीदारी का इतिहास रचें।
इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा राष्ट्रीय मंत्री सिद्धार्थ शंभू और प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
