रायपुर, 5 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी माँ के नाम पर पीपल का पौधा रोपकर प्रदेशव्यापी ‘पीपल फॉर पीपुल’ अभियान की शुरुआत की। इस विशेष अभियान के तहत लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में 2,500 से अधिक पीपल के पौधे लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।

‘पीपल फॉर पीपुल’ अभियान और वृक्षारोपण के मुख्य बिंदु
- विशाल लक्ष्य: छत्तीसगढ़ में इस वर्ष ढाई करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में 7 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं।
- सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को जीवनदाता माना गया है। पीपल का वृक्ष विशेष रूप से आस्था, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक होने के साथ-साथ सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला और जैव विविधता को बढ़ावा देने वाला पेड़ है।
- मातृ सम्मान और जनआंदोलन: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2024 से शुरू हुआ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान अब एक जनआंदोलन बन चुका है, जिसने पर्यावरण संरक्षण को मातृ सम्मान की भावना से जोड़ा है।
- संरक्षण की जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को अपने घर, कार्यस्थल या आसपास खाली पड़ी भूमि पर माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
- वैश्विक चुनौती से मुकाबला: बढ़ते तापमान और प्रदूषण जैसी वैश्विक जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी और सरल उपाय बताया गया।

मंत्रियों और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘पीपल फॉर पीपुल’ अभियान स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण का एक संकल्प है। उन्होंने नागरिकों से आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घरों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ एक पौधा लगाने का भी संदेश दिया।

इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रमुख महानुभावों ने भी पीपल के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया:
- श्री विजय शर्मा (उप मुख्यमंत्री)
- श्री ओ.पी. चौधरी (वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री)
- श्री दयाल दास बघेल (खाद्य मंत्री)
- श्री राजेश अग्रवाल (संस्कृति मंत्री)
- श्री श्याम बिहारी जायसवाल (स्वास्थ्य मंत्री)
- श्री लखनलाल देवांगन (उद्योग मंत्री)
- श्री टंकराम वर्मा (राजस्व मंत्री)
- श्री इंद्र कुमार साहू (विधायक) एवं छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा
- अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
