अन्नदाताओं को बड़ी सौगात: धमतरी और बालोद की 5 सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹21.50 करोड़ स्वीकृत
• जल संसाधन विभाग का बड़ा फैसला, सुधरेगी सिंचाई व्यवस्था और बढ़ेगा कृषि उत्पादन
• राजाडेरा, खट्टी एनीकट सहित तांदुला परियोजना के अंतर्गत नहरों का होगा कायाकल्प

रायपुर, 16 सितंबर। छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने प्रदेश के किसानों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। राज्य सरकार ने धमतरी और बालोद जिलों की पांच प्रमुख सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण और विकास कार्यों के लिए 21 करोड़ 50 लाख 23 हजार रुपये की भारी-भरकम प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस दूरगामी फैसले से दोनों जिलों के हजारों किसानों को सीधे तौर पर बेहतर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जल संसाधन विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल रबी और खरीफ फसलों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन का ढांचा भी बेहद मजबूत होगा।
धमतरी जिला: राजाडेरा जलाशय और खट्टी एनीकट को मिलेगा नया जीवन
धमतरी जिले की दो प्रमुख योजनाओं के लिए बड़ी राशि मंजूर की गई है, जिससे बरसों पुरानी मांग पूरी होगी:
- राजाडेरा लघु जलाशय (नवीनीकरण): जलाशय के जलद्वारों (Gates) के नवीनीकरण और संपूर्ण जीर्णोद्धार कार्य के लिए 1 करोड़ 65 लाख 7 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस काम के पूरा होने से क्षेत्र के लगभग 285 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता बहाल और सुदृढ़ होगी।
- खट्टी एनीकट (महानदी): महानदी पर बने ऐतिहासिक खट्टी एनीकट के संरक्षण और जलद्वारों के उन्नयन (Upgradation) के लिए 4 करोड़ 89 लाख 30 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे 30 हेक्टेयर क्षेत्र में शत-प्रतिशत सिंचाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
बालोद जिला: तांदुला परियोजना सहित 3 योजनाओं का होगा कायाकल्प
बालोद जिले के किसानों के लिए जल संसाधन विभाग ने तीन महत्वपूर्ण योजनाओं पर मुहर लगाई है। इसके तहत नहरों की लाइनिंग से लेकर जलाशयों के आधुनिकीकरण तक के कार्य शामिल हैं:
- जलाशयों का विद्युतीकरण और प्रकाश व्यवस्था: जिले के प्रमुख तांदुला, गोंदली और खरखरा जलाशय में बेहतर कार्यप्रणाली और सुरक्षा के लिहाज से विद्युतीकरण व आधुनिक प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 4 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपये मंजूर हुए हैं, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रबंधन बेहतर होगा।
- शीतला मंदिर घाट व मारीदेवरी तटबंध निर्माण: खरखरा नदी के बाएं तट पर शीतला मंदिर के पास घाट निर्माण और ग्राम मारीदेवरी में मजबूत तटबंध (Bund) निर्माण के लिए 4 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इस निर्माण कार्य से 183 हेक्टेयर कृषि भूमि को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी और सिंचाई का सीधा लाभ होगा।
- तांदुला परियोजना (नहरों का रिमॉडलिंग व लाइनिंग): तांदुला परियोजना के तहत सकरैद वितरक नहर के अंतर्गत आने वाली नाहंदा माईनर, डौकीडीह माईनर, सुखरी माईनर और भदेरा माईनर के रिमॉडलिंग, कंक्रीट लाइनिंग और पक्के ढांचों के उन्नयन के लिए 4 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पानी के रिसाव को रोकने वाले इस कार्य से 183 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों के खेतों तक सीधे पानी पहुंचेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर विभाग खेतों तक पानी पहुंचाने के संकल्प पर तेजी से काम कर रहा है। इन पांचों योजनाओं के धरातल पर उतरने से सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और पानी की बर्बादी रुकेगी। मानसून के बाद रबी फसल के दौरान किसानों को पानी की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। इस सौगात से ग्रामीण अंचलों में हर्ष का माहौल है और किसानों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है।
