मुख्यमंत्री श्री साय ने एचडीएफसी बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लोगो का किया विमोचन

रायपुर, 15 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति देने और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) के दायरे को हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि बैंक केवल महानगरों और बड़े व्यावसायिक केंद्रों तक सीमित न रहें, बल्कि बस्तर और सरगुजा संभाग सहित प्रदेश के दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय अंचलों तक अपने बैंकिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार करें।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बैंक के छत्तीसगढ़ में अपने सफल 25 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में एक विशेष लोगो (Logo) का अनावरण किया और बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा समस्त ग्राहकों को बधाई दी।
वित्तीय समावेशन से बदलेगी ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की तस्वीर
बैठक में मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रदेश के चहुंमुखी विकास की रीढ़ उसकी सर्वसुलभ और मजबूत बैंकिंग व्यवस्था होती है। पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग सेवाओं को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इस आधुनिक तकनीक का वास्तविक लाभ तब तक अधूरा है जब तक यह राज्य के अंतिम व्यक्ति तक न पहुंच जाए।
- दूरस्थ अंचलों पर विशेष फोकस: छत्तीसगढ़ की एक बहुत बड़ी आबादी गांवों और जनजातीय क्षेत्रों में निवास करती है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के पहुंचने से स्थानीय नागरिकों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
- समय और संसाधनों की बचत: गांव के नजदीक बैंक शाखा या बैंकिंग पॉइंट होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे लेन-देन के लिए मीलों दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की बहुमूल्य बचत होगी।
- पारदर्शिता और सुशासन: आज केंद्र और राज्य सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से हितग्राहियों के खातों में पहुंचती है। बैंकिंग विस्तार से इस व्यवस्था में पारदर्शिता और अधिक सुदृढ़ता आएगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बड़ा संबल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बैंक केवल धन के लेनदेन का जरिया नहीं हैं, बल्कि यह आम आदमी के सपनों को हकीकत में बदलने का माध्यम हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग विस्तार से स्थानीय आर्थिकी में किस प्रकार क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं, इसे रेखांकित करते हुए उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया:
“बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और आर्थिक संभावनाओं को संसाधनों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। एक युवा को स्वरोजगार शुरू करना हो, महिला समूह को अपना कारोबार बढ़ाना हो, या किसान को आय बढ़ानी हो – सुलभ वित्तीय सहायता हर प्रयास को नई दिशा दे सकती है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
- किसानों और कृषि आधारित उद्योगों का विकास: किसानों को कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों के लिए समय पर ऋण और वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।
- महिला सशक्तिकरण की नई उड़ान: छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों (SHGs) के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। यदि बैंक इन समूहों को आसान ऋण और वित्तीय साक्षरता से जोड़ दें, तो महिलाओं की उद्यमशीलता को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
- युवाओं के लिए स्वरोजगार: प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के नए स्टार्टअप और बिजनेस आइडियाज को वित्तीय सहयोग देकर राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
वित्तीय साक्षरता और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव और नागरिकों को जागरूक करने के लिए वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) अभियान चलाने की भी आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि केवल बैंक खाते खोलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन, बचत और बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर ही वास्तविक वित्तीय समावेशन संभव है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि एचडीएफसी बैंक अपनी शानदार सेवाओं के अनुभव के साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में राज्य सरकार का एक मजबूत और विश्वसनीय साझीदार बनेगा।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड श्री अरुण मेदीरत्ता, ब्रांच बैंकिंग हेड (सेंट्रल इंडिया) श्री प्रतीक शर्मा सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
