रायपुर, 16 सितंबर 2026 — छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण आंचल के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति और हर पात्र परिवार को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने के लिए शुरू किए गए महत्वाकांक्षी ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ की प्रगति अब और अधिक तीव्र हो गई है। आज राजधानी रायपुर में मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उनकी प्रभावशीलता का बारीकी से आकलन किया गया।

डैश-बोर्ड से बढ़ी पारदर्शिता, जिलावार संतृप्ति पर जोर
बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड’ रहा, जिसे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राज्य और केंद्र शासन की तमाम हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित लाभार्थियों का पूरा डेटाबेस दर्ज है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड पर प्रत्येक योजना की जिलावार संतृप्ति (Saturation) का स्पष्ट और अपडेटेड विवरण दिखना चाहिए। इससे न केवल प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता आएगी, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन की गति भी और अधिक तेज होगी।
इन प्रमुख योजनाओं की हुई गहन समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने शासन की कई फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई:
- कृषि एवं ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री किसान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)।
- खाद्य एवं सामाजिक सुरक्षा: राशन कार्ड, मुफ्त राशन वितरण और महिलाओं के लिए चलाई जा रही बहुप्रतीक्षित महतारी वंदन योजना।
- वित्तीय समावेशन एवं कौशल: प्रधानमंत्री जन-धन योजना और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम।
- विशेष क्षेत्र एवं आंतरिक सुरक्षा: भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संतृप्ति अभियान, ग्रेन्यूल आंकड़े, बस्तर संभाग के अंतर्गत योजनाओं का विस्तार, ‘नियद नेल्ला नार-2.0’ और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल पर राशन कार्ड के आधार पर लाभार्थियों की सूची का सत्यापन।
शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में शासन के कई वरिष्ठ और प्रमुख अधिकारी ने शिरकत की, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, तथा सुशासन एवं अभिसरण व सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और पात्र हितग्राहियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
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