छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन: प्रदेश के आगामी 20 वर्षों के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार, बुनियादी ढांचे को मिलेगी ऐतिहासिक रफ्तार

रायपुर 18 दिसंबर : छत्तीसगढ़ को देश के सबसे विकसित, आधुनिक और आत्मनिर्भर राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की दीर्घकालिक अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास की एक समग्र और एकीकृत कार्ययोजना आकार ले रही है। इसी कड़ी में आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय और बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वाकांक्षी ‘छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन’ के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को आधिकारिक तौर पर नोडल विभाग बनाया गया है। राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
बैठक के मुख्य एवं रणनीतिक बिंदु:
- सड़क नेटवर्क का 20 वर्षीय विजन मास्टर प्लान: मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रदेश के रोड नेटवर्क को लेकर आगामी 20 वर्षों का एक व्यापक और वैज्ञानिक मास्टर प्लान तैयार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस मास्टर प्लान में वर्तमान अधोसंरचना की मैपिंग, भविष्य की ट्रैफिक आवश्यकताओं, सुगम कनेक्टिविटी और संभावित इंडस्ट्रियल एवं अर्बन ग्रोथ जोन का सूक्ष्म आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं की प्राथमिकता तय कर उनका अमलीजामा पहनाया जाएगा।
- इंटीग्रेटेड विजन (एकीकृत दृष्टिकोण): विकास को गति देने के लिए अब सभी बुनियादी क्षेत्रों को अलग-अलग देखने के बजाय एक साझा मंच पर जोड़ा जाएगा। बैठक में सड़क मार्ग के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन, पावर ट्रांसमिशन, जल संसाधन, सिंचाई नेटवर्क, आधुनिक संचार और फाइबर ऑप्टिकल नेटवर्क जैसे सभी प्रमुख घटकों के समन्वित विकास पर जोर दिया गया ताकि हर क्षेत्र की सटीक मांग पूरी हो सके।
- इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब का मेगा अध्ययन: प्रदेश के व्यापारिक और आर्थिक परिदृश्य को नई उड़ान देने के लिए राज्य में ‘इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट’ और अत्याधुनिक ‘लॉजिस्टिक्स हब’ विकसित करने की संभावनाओं का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। सड़क और रेल परिवहन के बीच बेहतरीन समन्वय बिठाकर माल परिवहन (फ्रेट मूवमेंट) को सुगम और किफायती बनाने के लिए नई परियोजनाओं की पहचान की जा रही है।
- नया और व्यावहारिक फंडिंग मैकेनिज्म: बड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की कोई कमी न हो, इसके लिए एक नए और प्रभावी फंडिंग मॉडल पर काम चल रहा है। इसमें सरकारी बजट के साथ-साथ निजी निवेश, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल) और अन्य नवीन वित्तीय विकल्पों का परीक्षण कर मजबूत वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- दीर्घकालिक योजना के साथ सख्त वार्षिक एक्शन प्लान: महत्वाकांक्षी घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए 20 वर्षीय मास्टर प्लान के साथ-साथ एक स्ट्रिक्ट ‘वार्षिक एक्शन प्लान’ (Annual Action Plan) भी तैयार किया जाएगा। इसमें हर साल होने वाले कार्यों, उनके लिए जरूरी बजट, संसाधनों और डेडलाइन का स्पष्ट निर्धारण होगा।
- अधिकारियों का एक्सपोजर विजिट और तकनीकी उन्नयन: देश के अन्य प्रगतिशील राज्यों में अपनाए जा रहे आधुनिक अधोसंरचना मॉडल और बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के एक्सपोजर विजिट आयोजित किए जाएंगे। इससे वहां की उन्नत तकनीकों को राज्य की भौगोलिक और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालकर लागू किया जा सकेगा।
शीर्ष अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय मंथन के दौरान लोक निर्माण विभाग एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री चंदन कुमार सहित शासन के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
यह मिशन न केवल छत्तीसगढ़ की भौगोलिक दूरियों को कम करेगा, बल्कि औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण आर्थिकी को भी एक अभूतपूर्व गति प्रदान करेगा।
