भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़: ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का भव्य शुभारंभ, सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक निवेश की बहार

रायपुर 18 दिसम्बर : छत्तीसगढ़ अब केवल पारंपरिक खनिज और खदानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई और शक्तिशाली अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते प्रदेश अब भविष्य के उद्योगों का नया और प्रमुख गंतव्य बनता जा रहा है।
राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रतिष्ठित ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के 300 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस तीन दिवसीय महाकुंभ का उद्घाटन करते हुए देश के विभिन्न राज्यों से आए निवेशकों और उद्योग जगत के दिग्गजों का स्वागत किया और उन्हें छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में सहभागी बनने का खुला निमंत्रण दिया।
नई औद्योगिक नीति 2024-30: निवेशकों के लिए ‘एक्सीलरेटर’ बनी सरकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की भूमिका केवल एक ‘नियामक’ (Regulator) तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार उद्योगों की राह आसान करने वाले एक ‘एक्सीलरेटर’ (Accelerator) के रूप में कार्य कर रही है।
- धरातल पर उतर रही परियोजनाएं: सरकार द्वारा लाई गई नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) के बाद से प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि वे तेजी से धरातल पर आकार ले रहे हैं।
- पारदर्शी और सरल प्रक्रियाएं: निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से भूमि, अधोसंरचना और अन्य अनुमतियां समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जा रही हैं।
पारंपरिक ताकतों से लेकर हाई-टेक सेक्टर तक विविधीकरण
छत्तीसगढ़ के पास प्राकृतिक संसाधनों की असीम ताकत है। देश के मध्य में स्थित होने की भौगोलिक स्थिति, लगभग 30,000 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता, समृद्ध वन संपदा और प्रचुर खनिज संपदा इसे उद्योगों के लिए सबसे मुफीद जगह बनाते हैं। हालांकि, सरकार अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर भविष्य की अर्थव्यवस्था पर फोकस कर रही है:
- सेमीकंडक्टर और आईटी हब: नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपये की विशाल सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
- उभरते सेक्टर्स: आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक सेक्टरों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- वनोपज और खनिज का वैल्यू एडिशन: बस्तर और अन्य वनांचलों की लघु वनोपजों (महुआ, इमली, चिरौंजी, औषधियां) और खनिजों का स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक प्रसंस्करण (Value Addition) कर जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के नए रास्ते खोले जा रहे हैं।
स्थानीय युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उससे स्थानीय युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला न बने, बल्कि अपने कौशल और नवाचार से ‘रोजगार प्रदाता’ (Job Provider) बने।
दिग्गजों ने की छत्तीसगढ़ की संभावनाओं की सराहना
- उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री के ओजस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत ने लंबी उड़ान भरने की पूरी तैयारी कर ली है। यह मेला उद्यमियों को नई तकनीक और व्यावसायिक साझेदारियों का अनूठा अवसर देगा।
- उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आज हर सेक्टर में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
- उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न औद्योगिक स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया और देश भर से आए उद्यमियों से उनके नवाचारों, उत्पादों और तकनीकों पर आत्मीय चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी सहित देश के कोने-कोने से आए प्रख्यात उद्यमी उपस्थित रहे।
“छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों, सामर्थ्य और नई संभावनाओं के साथ औद्योगिक विकास के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहा है। आइए, छत्तीसगढ़ आइए, यहां की संभावनाओं को समझिए, निवेश कीजिए और एक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारे साझीदार बनिए।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
