विकसित छत्तीसगढ़ का नया सूर्योदय: कौशल, शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर विष्णु देव साय सरकार का मेगा प्लान
- साढ़े तीन साल की उपलब्धियां: 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला तकनीकी प्रशिक्षण, 35 हजार और युवाओं को तराशने की तैयारी
- सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का नया युग: 9 हजार पदों पर सीधी भर्ती और ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ का गठन
- आईआईटी की तर्ज पर ‘CGIT’ का निर्माण और उच्च शिक्षा के बजट में 50% की ऐतिहासिक वृद्धि
– धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, जनसम्पर्क (रायपुर)

रायपुर, 18 सितंबर 2026: किसी भी राज्य की असली ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने इसी मूल मंत्र को अपने शासन के केंद्र में रखा है। पिछले करीब तीन वर्षों में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता, उच्च शिक्षा और खेल के क्षेत्र में एक ऐसा सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार किया है, जो युवाओं को केवल ‘नौकरी चाहने वाला’ नहीं, बल्कि ‘नौकरी देने वाला’ (Job Provider) बना रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने के अनुरूप ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को गति देते हुए, राज्य सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था, विश्वस्तरीय शिक्षा और अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण का अनूठा संगम पेश किया है। आइए जानते हैं कि कैसे छत्तीसगढ़ का युवा आज आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रहा है।
1. स्किल इंडिया से लोकल कनेक्ट: 18,330 युवाओं को हुनरमंद बनाकर बाजार में उतारा
आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान से रोजगार नहीं मिल सकता, इसके लिए व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) की जरूरत है। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राज्य के 26 जिलों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं।
- अब तक की उपलब्धि: राज्य के 18,330 युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
- भविष्य की योजना: सरकार यहीं नहीं रुक रही है, बल्कि आने वाले समय में 35 हजार और युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य के बजट में 75 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया गया है, ताकि छत्तीसगढ़ का युवा ग्लोबल मार्केट की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हो सके।
“युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। हमारा प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध हो। युवा सशक्तीकरण ही हमारे विकसित छत्तीसगढ़ के विजन का मुख्य आधार है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
2. पारदर्शी भर्ती और ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ का गठन
युवाओं के सबसे बड़े दर्द—भर्ती में लेटलतीफी और पारदर्शिता की कमी—को दूर करते हुए साय सरकार ने एक ऐतिहासिक प्रशासनिक कदम उठाया है।
- 9 हजार पदों पर सीधी भर्ती: राज्य में लगभग 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाई जा रही है।
- नया चयन मंडल: क्लास-3 और क्लास-4 श्रेणी के पदों पर भर्तियों को पूरी तरह एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए विशेष रूप से ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ का गठन किया गया है। इससे भ्रष्टाचार और भाई-भ भतीजावाद पर लगाम लगी है और योग्य युवाओं को उनकी मेहनत का पूरा हक मिल रहा है।
3. ‘CG-ACE’ पहल: अब पैसों की तंगी नहीं रोकेगी प्रतियोगी परीक्षाओं का सपना
छत्तीसगढ़ के दूर-दराज और गरीब परिवारों के प्रतिभावान युवा, जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं भर पाते थे, उनके लिए सरकार ‘मसीहा’ बनकर आई है।
- निःशुल्क कोचिंग (CG-ACE): सरकार ने CG-ACE नाम से एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इसके तहत NEET, CLAT, JEE, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।
- बजट प्रावधान: इस योजना के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने 33 करोड़ रुपये का समर्पित प्रावधान किया है, जिससे अब ग्रामीण और गरीब वर्ग के बच्चे भी आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना खुलकर देख रहे हैं।
4. उच्च शिक्षा में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प: 50% की रिकॉर्ड बजट वृद्धि
राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने के लिए साय सरकार ने शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की है। वर्ष 2025-26 के लिए इसे बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
- उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence): शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य के 5 प्रमुख सरकारी कॉलेजों—जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़—को ‘उत्कृष्टता केंद्र’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- CGIT की सौगात: आईआईटी (IIT) जैसे देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) की स्थापना की गई है। आने वाले दिनों में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी इसके विस्तार की पुख्ता योजना है।
: भविष्य की मजबूत नींव
छत्तीसगढ़ सरकार की ये नीतियां केवल कागजी दावे नहीं हैं, बल्कि यह धरातल पर दिख रहा वह बदलाव है जो आने वाले दशकों में छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक तकदीर बदल देगा। कौशल, शिक्षा और रोजगार के इस त्रिवेणी संगम से छत्तीसगढ़ का युवा आज पूरे आत्मविश्वास के साथ नए और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।
