‘सेवा संकल्प अभियान’ का कमाल: सारंगढ़ के किसान नेतराम का घर हुआ रोशन, ‘पीएम सूर्य घर योजना’ से प्रतिमाह हो रही दो हजार की बचत

- योजना का नाम: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (छत्तीसगढ़)
- लाभार्थी: श्री नेतराम पटेल (ग्राम गोबरसिंहा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़)
- वित्तीय लाभ: बिजली बिल 2,300 रुपए से घटकर सीधा 250 रुपए पर आया।
- बचत का उपयोग: खेती-किसानी, खाद और बीज के खर्चों में शानदार संबल।
जब बिजली के बिल ने तोड़ा दम, तब उम्मीद बनकर चमकी ‘सूर्य घर योजना’
रायपुर, 19 सितम्बर 2026: छत्तीसगढ़ में वर्तमान में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ आम जनता के जीवन में किस तरह का क्रांतिकारी बदलाव लेकर आ रहा है, इसकी एक जीवंत मिसाल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्रामीण अंचल में देखने को मिल रही है। आम तौर पर खेती-किसानी के साथ घर का बजट संभालना ग्रामीण परिवारों के लिए एक कठिन चुनौती होती है, लेकिन सरकारी योजनाओं की सटीक धरातलीय पहुंच ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है।
इसकी बानोगी पेश करते हैं ग्राम गोबरसिंहा के प्रगतिशील किसान नेतराम पटेल। कुछ समय पहले तक नेतराम जी का जीवन भी अन्य किसानों की तरह बिजली के भारी-भरकम बिलों के चक्रव्यूह में उलझा हुआ था। घर का मासिक बिजली बिल 2,200 से 2,300 रुपए तक आ जाता था, जो उनकी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर सोख रहा था।
“पहले हर महीने बिजली का बिल चुकाना मेरे लिए किसी आर्थिक संकट से कम नहीं था। समझ नहीं आता था कि घर चलाएं या खेती की जरूरतें पूरी करें।” — नेतराम पटेल (लाभार्थी किसान)
रूफटॉप सोलर सिस्टम: बना आर्थिक संबल
इस विकट परिस्थिति से उबारने का काम किया ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ ने। प्रशासनिक मार्गदर्शन और योजना के सफल क्रियान्वयन से नेतराम जी ने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करवाया। इस तकनीकी बदलाव ने उनके घर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दीं।
- कहाँ था बिल: 2,200 – 2,300 रुपए प्रतिमाह
- अब कितना है बिल: मात्र 250 – 300 रुपए प्रतिमाह
- शुद्ध मासिक बचत: लगभग 2,000 रुपए प्रति माह
अब बच-बच कर पैसों से संवर रही है किसानी
सोलर पैनल लगने के बाद बिजली का संकट दूर हुआ और हर महीने दो हजार रुपए की सीधी बचत होने लगी। नेतराम पटेल इस बचत राशि को अपनी खेती-किसानी के दैनिक और जरूरी कार्यों में लगा रहे हैं। अब उन्हें खाद, बीज और कीटनाशकों की खरीदी के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। बची हुई राशि ने उनके कृषि कार्यों को एक नई रफ्तार और वित्तीय सुरक्षा दी है।
“अब बिजली का बिल भरने की चिंता खत्म हो चुकी है। हर महीने जो दो हजार रुपए बचते हैं, वे सीधे मेरी खेती में खाद और बीज के काम आ रहे हैं। इस योजना ने मेरी रीढ़ को मजबूत किया है।”
शासन के प्रति आभार और दूसरों के लिए प्रेरणा
अपने जीवन में आए इस सकारात्मक और सुखद परिवर्तन से अभिभूत होकर किसान नेतराम पटेल ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने क्षेत्र के अन्य किसानों और ग्रामीण भाइयों से भी आह्वान किया है कि वे आगे आएं और इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली खर्च को शून्य के करीब लाएं।
आत्मनिर्भरता की नई इबारत
नेतराम पटेल की यह सफलता इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाएं सही नीयत और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ धरातल पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ कागजी आंकड़े नहीं रहतीं। वे ग्रामीण परिवारों के लिए आत्मनिर्भरता, आर्थिक सशक्तिकरण और समृद्धि का एक नया मार्ग प्रशस्त कर देती हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के गांव अब सही मायनों में ऊर्जा और विकास के मामले में आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
