छत्तीसगढ़ में मानसून की मेहरबानी: बलरामपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, कांकेर में सबसे कम

रायपुर, 19 सितंबर 2026 छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन बादलों की मेहरबानी खुलकर बरसी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों (19 सितंबर 2026 तक) के अनुसार, राज्य में 1 जून से अब तक औसतन 96.4 प्रतिशत (996.5 मिलीमीटर) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य औसत वर्षा 1033.6 मिलीमीटर निर्धारित है। राज्य के अधिकांश जिलों में झमाझम पानी गिरने से धान की फसलों और जल स्रोतों को जीवनदान मिला है, हालांकि कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से थोड़ा पीछे भी रहा है।
🌧️ संभागवार और ज़िलेवार वर्षा की विस्तृत स्थिति
1. सरगुजा संभाग: बलरामपुर ने तोड़े रिकॉर्ड
सरगुजा संभाग में बादलों ने सबसे मेहरबान रुख दिखाया है।
- बलरामपुर: इस सीजन में सबसे अधिक वर्षा दर्ज करते हुए यहाँ सामान्य से 169.7% (1488.5 मि.मी.) पानी बरसा है।
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: यहाँ 122.6% (1139.9 मि.मी.) बारिश रिकॉर्ड हुई।
- सूरजपुर: यहाँ 111.5% (1138.1 मि.मी.) वर्षा दर्ज की गई।
- अन्य जिले: कोरिया में 97.0% (892.8 मि.मी.), जशपुर में 81.2% (805.1 मि.मी.) और सरगुजा जिले में 77.3% (594.9 मि.मी.) बारिश हुई है।
2. रायपुर संभाग: राजधानी सहित सभी जिलों में झमाझम
राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा है।
- रायपुर: राजधानी वासियों के लिए राहत भरी खबर है जहाँ औसत का 126.9% (1091.2 मि.मी.) पानी बरसा है।
- महासमुंद: यहाँ 120.8% (1128.5 मि.मी.) बारिश दर्ज की गई।
- गरियाबंद: यहाँ 118.0% (1191.9 मि.मी.) पानी गिरा है।
- अन्य जिले: बलौदाबाजार में 109.7% (1007.1 मि.मी.) और धमतरी में 105.1% (1061.0 मि.मी.) बारिश के साथ स्थिति बेहद शानदार बनी हुई है।
3. बिलासपुर संभाग: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में दिखा सबसे ज्यादा असर
- सारंगढ़-बिलाईगढ़: इस संभाग में बाजी मारते हुए यहाँ सामान्य से अधिक 138.5% (1127.8 मि.मी.) बारिश हुई है।
- मुंगेली: यहाँ 112.5% (1003.7 मि.मी.) पानी बरसा।
- जांजगीर-चांपा: यहाँ 103.4% (1101.5 मि.मी.) वर्षा दर्ज की गई।
- अन्य जिले: कोरबा में 97.5%, बिलासपुर में 95.8%, सक्ती में 95.6%, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 90.1% और रायगढ़ में 87.6% बारिश रिकॉर्ड की गई।
4. दुर्ग संभाग: मैदानी इलाकों में बालोद आगे
- बालोद: दुर्ग संभाग के मैदानी इलाकों में बालोद जिला 106.3% (1057.1 मि.मी.) बारिश के साथ सबसे आगे है।
- दुर्ग: यहाँ 98.3% (749.6 मि.मी.) वर्षा दर्ज हुई।
- अन्य जिले: राजनांदगांव में 94.9%, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 93.0%, कबीरधाम में 83.0%, बेमेतरा में 75.2% और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 71.8% (864.1 मि.मी.) बारिश दर्ज की गई है।
5. बस्तर संभाग: मिला-जुला असर, कांकेर में सबसे कम वर्षा
दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में बादलों ने असमान रूप से तेवर दिखाए हैं।
- नारायणपुर: यहाँ औसत की तुलना में 108.6% (1376.6 मि.मी.) झमाझम बारिश हुई है।
- दंतेवाड़ा: यहाँ 91.4% (1232.8 मि.मी.) पानी गिरा।
- अन्य जिले: कोण्डागांव में 81.8%, बस्तर में 80.7%, बीजापुर में 70.3% और सुकमा में 69.3% वर्षा दर्ज की गई।
- सबसे कम वर्षा: बस्तर संभाग के ही कांकेर जिले में प्रदेश में सबसे कम मात्र 67.0% (945.7 मि.मी.) ही वर्षा दर्ज की गई है, जो राज्य में न्यूनतम है।
📅 ताज़ा दैनिक अपडेट (19 सितंबर)
केवल आज के दिन (19 सितंबर) के दैनिक आंकड़ों पर गौर करें तो, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 17.3 मि.मी., नारायणपुर में 16.5 मि.मी. और कांकेर में 16.3 मि.मी. अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, जांजगीर-चांपा, कोण्डागांव और दंतेवाड़ा में दिनभर मौसम शुष्क रहा और वर्षा शून्य रही। पूरे प्रदेश में औसत दैनिक बारिश 4.0 मि.मी. रिकॉर्ड की गई है।
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की स्थिति संतोषजनक और किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली रही है, जिससे आगामी फसलों की पैदावार बेहतरीन होने की पूरी उम्मीद है।
