अंबिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का भव्य शुभारंभ
: छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति और सामाजिक सहभागिता का नया अध्याय
- 8.23 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों से छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी आर्थिक रफ्तार।
- ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ के तहत 5 वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान, सभी 33 जिलों में खुलेंगे उद्यमिता विकास केंद्र।
- छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-30 और निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार।
- पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से होटल, होम-स्टे और सेवा क्षेत्र में सृजित होंगे रोजगार के अपार अवसर।

अंबिकापुर (19 सितंबर 2026): मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ऐतिहासिक ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का गरिमामयी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की समृद्ध परंपरा की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में अग्रवाल समाज की रीढ़ की हड्डी जैसी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापार और व्यवसाय से आगे बढ़कर समाज के उद्यमियों ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दिया है।
महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर आधारित लोक-कल्याणकारी सोच
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने सामाजिक समानता, करुणा, सहयोग और सहभागिता पर आधारित जिस समरस समाज की कल्पना की थी, उसे अग्रवाल समाज ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने आचरण में उतारा है। संकट के समय—विशेषकर कोरोना महामारी के दौर में—समाज ने जिस प्रकार आगे बढ़कर ऑक्सीजन, राशन और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए जनसेवा की, वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
रोजगार केंद्रित औद्योगिक नीति और रिकॉर्ड निवेश
प्रदेश की आर्थिक दिशा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को पूरी तरह रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) और महिला उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
- रिकॉर्ड निवेश: छत्तीसगढ़ को अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले समय में रोजगार के अनगिनत नए द्वार खुलेंगे।
- स्टार्टअप और नवाचार: युवाओं की उद्यमशीलता को धार देने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ के तहत अगले 5 वर्षों में 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
- निर्यात नीति: छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, कृषि आधारित प्रोडेक्ट्स और छोटे उद्योगों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ा जा रहा है।
महिला शक्ति और युवाओं की बुलंद भागीदारी
मुख्यमंत्री ने महिला शक्ति की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां और बहनें परिवार संभालने के साथ-साथ व्यापार, तकनीक, स्टार्टअप और प्रशासन के क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी तलाशने वाले के बजाय नौकरी देने वाले (Job Creator) बनें और आधुनिक तकनीक व नवाचार को अपनाकर प्रदेश के विकास में भागीदार बनें।
सरगुजा अंचल में विकास की नई संभावनाएं
सरगुजा की भौगोलिक और प्राकृतिक विशेषताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से इस अंचल में कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अपार संभावनाएं उभरी हैं। उन्होंने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से आग्रह किया कि वे आगे आएं और नई पीढ़ी का मार्गदर्शन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं।
ट्रेड फेयर का शुभारंभ और ‘अग्रकुल दर्शन’ का विमोचन
मुख्य समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भव्य ट्रेड फेयर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर उद्यमियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गरिमामयी उपस्थिति के बीच ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन भी किया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘दशम अग्र अलंकरण’ से सम्मानित किया।
विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री अमर अग्रवाल, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित देशभर से पधारे समाज के राष्ट्रीय-प्रांतीय पदाधिकारी और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह महाकुंभ न केवल व्यापारिक संवाद का केंद्र बना, बल्कि इसने “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को और अधिक मजबूत करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होने का संदेश दिया है।
