वादों से मुकरने वाली कांग्रेस को देश की जनता सिखा रही है सबक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस के ‘छलावे’ को पहचानकर सत्ता से बेदखल किया, अब पूरे देश में दोहराया जा रहा है यही इतिहास

विशेष राजनीतिक ब्यूरो
रायपुर 22 सितम्बर ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक बार फिर कांग्रेस की राजनीतिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए करारा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यप्रणाली पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का चरित्र केवल चुनाव के समय लोक-लुभावन वादे करने का है, जबकि धरातल पर उन वादों को पूरा करने की उनकी कोई नीयत नहीं होती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इसी ‘कथनी और करनी के अंतर’ को छत्तीसगढ़ की जनता ने भांप लिया था और विधानसभा चुनावों में उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंका। साय ने हुंकार भरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जागरूक जनता द्वारा कांग्रेस को रिजेक्ट किए जाने का यह ट्रेंड अब राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है और देश की जनता भी इस दल को नकार रही है।
कथनी और करनी का अंतर ही कांग्रेस की पहचान: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने बयान को धार देते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से वादों से मुकरने का रहा है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस जनता के बीच जाकर बड़े-बड़े दावे और वादे तो करती है, लेकिन सत्ता में आते ही उन वादों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। छत्तीसगढ़ में पांच साल तक शासन करने वाली कांग्रेस सरकार ने गंगाजल की कसम खाकर जो वादे किए थे, उन्हें अधूरा छोड़ दिया। राज्य की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही थी, जिसका करारा जवाब उन्होंने चुनाव में कांग्रेस को रिजेक्ट करके दिया।”
छत्तीसगढ़ का ‘रिजेक्शन मॉडल’ अब देश में लागू
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के राजनीतिक बदलाव को देश के लिए एक नजीर बताया। उन्होंने कहा कि जो स्थिति छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हुई, वही अब पूरे देश में हो रही है। देश की जनता अब कांग्रेस के खोखले वादों और तुष्टिकरण की राजनीति से ऊब चुकी है। केंद्र से लेकर विभिन्न राज्यों तक में जनता कांग्रेस के छलावे को पहचान चुकी है और उन्हें लगातार पराजय का मुंह देखना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कांग्रेस अब अपनी प्रासंगिकता पूरी तरह खो चुकी है।
साय सरकार की ‘डबल इंजन’ रफ्तार और विश्वसनीयता
अपने बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की कार्यशैली और कांग्रेस के बीच एक स्पष्ट अंतररेखा भी खींची। जहां एक तरफ कांग्रेस पर वादों से मुकरने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ यह संदेश दिया कि भाजपा की साय सरकार ‘मोदी की गारंटी’ को पूरी ईमानदारी के साथ धरातल पर उतार रही है। चाहे वह किसानों को दो साल का बकाया बोनस देना हो, धान की बंपर खरीदी हो, या फिर महिलाओं के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ की निरंतर राशि जारी करना हो—साय सरकार ने यह साबित किया है कि उनकी कथनी और करनी एक समान है।
राजनीतिक गलियारों में मंचा हड़कंप
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस बेहद कड़े और सीधे हमले के बाद प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान केवल एक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के उस आक्रामक राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत विपक्षी दलों की विश्वसनीयता को जनता के सामने बेनकाब किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस तीखे प्रहार ने कांग्रेस खेमे को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया है।
