‘फूट डालो और राज करो’ कांग्रेस का चरित्र, जहाँ जाते हैं बघेल, वहीं होता है विरोध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
असम में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के काफिले पर हुए पथराव के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी उबाल, सीएम साय का तीखा हमला
बड़ा बयान: “पंजाब से भगाए गए, अब असम की जनता ने भी पहली बार में दिखा दिया आईना”

विशेष संवाददाता, रायपुर 22 सितम्बर ।
असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के काफिले पर हुए कथित हमले और विरोध प्रदर्शन के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल आ गया है। इस घटना पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और भूपेश बघेल को कटघरे में खड़ा किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो टूक शब्दों में कहा, “भूपेश बघेल पहले जब पंजाब के प्रभारी थे, तो वहाँ भी उनका कड़ा विरोध हुआ था। अब संगठन ने उन्हें असम का प्रभारी बनाया है, तो पहली बार वहाँ कदम रखते ही जनता और कार्यकर्ताओं ने उनका भारी विरोध कर दिया है।” सीएम साय ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह और कार्यशैली पर तंज कसते हुए इसे ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति का नतीजा बताया है।
पंजाब से असम तक ‘गो बैक’ के नारे: सीएम साय
मुख्यमंत्री साय ने भूपेश बघेल के पिछले रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से अंग्रेजों के पदचिह्नों पर चल रही है। उन्होंने कहा, “अंग्रेज फूट डालकर राज करते थे, और कांग्रेस के लोग भी जहाँ कदम रखते हैं, वहाँ गुटबाजी और कलह पैदा कर देते हैं। पंजाब में जब ये प्रभारी बनकर गए थे, तब वहाँ इनका पुरजोर विरोध हुआ और ‘गो बैक’ के नारे लगे थे, जिसके कारण मजबूरन कांग्रेस को वहाँ से इनका प्रभार बदलना पड़ा। अब असम में भी पहली ही बार में इतिहास खुद को दोहरा रहा है।”
क्या है पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा हाल ही में भूपेश बघेल को पंजाब से हटाकर असम का प्रभारी नियुक्त किया गया था। सोमवार को जब वे असम के नगांव में चुनाव प्रचार के लिए निकले, तो उनके काफिले को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कथित तौर पर असामाजिक तत्वों द्वारा उनके काफिले पर पथराव किया गया और गाड़ियों पर बोतलें फेंकने की घटना सामने आई। जहाँ एक तरफ कांग्रेस इस हमले के पीछे सत्तारूढ़ दल का हाथ बता रही है, वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंतर्कलह और स्थानीय जनता का आक्रोश करार दिया है।
छत्तीसगढ़ में बढ़ा सियासी पारा
सीएम विष्णु देव साय के इस बयान के बाद राज्य का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुँच गया है। छत्तीसगढ़ की सत्ता संभाल रही भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि जो नेता अपने गृह राज्य में अपनी सरकार नहीं बचा सका और जिसके जाते ही दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस बिखरने लगती है, उसे बाहरी राज्यों की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
बहरहाल, असम के चुनावी रण में हुई इस घटना ने छत्तीसगढ़ की सियासत को पूरी तरह गर्मा दिया है। देखना दिलचस्प होगा कि प्रभार बदलने और लगातार हो रहे विरोध के इन आरोपों का जवाब कांग्रेस जमीन पर कैसे देती है।
