कथनी-करनी में अंतर से कांग्रेस ने खोया जनता का विश्वास, हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना शर्मनाक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 1 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा राजनीतिक हमला बोला है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस अपनी ‘कथनी और करनी’ के भारी अंतर के कारण देश की जनता का विश्वास पूरी तरह खो चुकी है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस के छलावे को समझ चुकी है, और यही वजह है कि वे लगातार हर चुनाव में पटखनी खा रहे हैं। लगातार मिल रही करारी हार से बौखलाई कांग्रेस अब अपनी कमियों को सुधारने के बजाय देश की निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रच रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं का रवैया बेहद हास्यास्पद और विरोधाभासी है। जब इसी चुनाव आयोग और ईवीएम (EVM) के जरिए चुनाव जीतकर कांग्रेस के नेता सांसद और विधायक बनते हैं, तब उन्हें हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था या संवैधानिक संस्थाओं पर कोई आपत्ति नहीं होती। उस समय वे अपनी जीत का जश्न मनाते हैं। लेकिन जैसे ही जनता उन्हें उनकी गलत नीतियों के कारण नकार देती है और वे चुनाव हार जाते हैं, तो अपनी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय सारा ठीकरा चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष और गरिमामय संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ देते हैं। यह न सिर्फ उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता है, बल्कि देश के लोकतंत्र का अपमान भी है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस आलाकमान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिना किसी ठोस तथ्य और प्रमाण के देश की शीर्ष संस्थाओं पर लांछन लगाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस को देश की चुनावी प्रक्रिया पर इतना ही अविश्वास है, तो क्या उनके जीते हुए जनप्रतिनिधि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा देंगे? सीएम साय ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करती है, जबकि कांग्रेस केवल सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। जनता के बीच अपनी जमीन खो चुकी कांग्रेस को अपनी हार का आत्ममंथन करना चाहिए, न कि देश की व्यवस्थाओं पर उंगली उठाकर अपनी झेंप मिटानी चाहिए।
