रेलवे सुरक्षा बल का 42वां स्थापना दिवस समारोह 12 अक्टूबर को
भव्य परेड में दिखेगा आरपीएफ का अनुशासन, साहस और कार्यकुशलता का प्रदर्शन, तकनीकी प्रदर्शनी में आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की झलक
उत्कृष्ट सेवा के लिए आरपीएफ अधिकारियों एवं जवानों को प्रदान किए जाएंगे प्रतिष्ठित पदक

रायपुर, 12अक्टूबर 2026।
भारतीय रेल में यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा तथा सुरक्षित रेल परिचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस समारोह 12 अक्टूबर 2026 को रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड, रायपुर में गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित होने वाली समारोह परेड में आरपीएफ के अनुशासन, साहस, समर्पण और परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनी के माध्यम से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे तकनीकी नवाचारों और डिजिटल पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा।
समारोह में आरपीएफ की महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा, आईपीएस, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, आरपीएफ के महानिरीक्षक श्री मुनावर खुर्शीद तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
भव्य परेड में दिखेगा आरपीएफ का अनुशासन और परिचालन कौशल
स्थापना दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण भव्य परेड होगी, जिसमें आरपीएफ के विभिन्न दस्ते अपनी अनुशासनबद्ध कार्यशैली, प्रशिक्षण, तत्परता और परिचालन दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। परेड में महिला दस्ता, कमांडो रैपिड एक्शन टीम (कोरास-CORAS), डॉग स्क्वॉड तथा सेगवे दस्ता शामिल होंगे। इन दस्तों की सहभागिता रेलवे सुरक्षा बल की विविध परिचालन क्षमताओं, विशेष सुरक्षा अभियानों, प्रशिक्षित श्वानों की सहायता से सुरक्षा व्यवस्था तथा आधुनिक उपकरणों के माध्यम से गश्त करने की दक्षता को प्रदर्शित करेगी। महिला दस्ते की भागीदारी बल में महिला कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करेगी, जबकि कोरास कमांडो दस्ता विशेष परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई के लिए आरपीएफ की परिचालन तैयारियों को प्रदर्शित करेगा।
परेड के माध्यम से उन आरपीएफ कर्मियों के समर्पण, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा को भी रेखांकित किया जाएगा, जो रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा, अपराधों की रोकथाम तथा सुरक्षित रेल यात्रा का वातावरण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
उत्कृष्ट सेवा के लिए अधिकारियों एवं जवानों को प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित किया जाएगा
समारोह के दौरान आरपीएफ के अधिकारियों एवं जवानों को उनकी विशिष्ट सेवाओं, सराहनीय कार्यों और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें विशिष्ट सेवा के लिए 3 राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक तथा वर्ष 2024 में एक रेल यात्री का जीवन बचाने के लिए एक जीवन रक्षा पदक शामिल हैं।
ये सम्मान स्वतंत्रता दिवस, 2025 तथा गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसरों पर घोषित पदकों से संबंधित हैं। पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों एवं जवानों ने कर्तव्य के प्रति निष्ठा, व्यावसायिक दक्षता, समर्पण और जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की है। जीवन रक्षा पदक विशेष रूप से मानवीय संवेदनशीलता और संकट की स्थिति में जीवन बचाने के लिए तत्परता के महत्व को रेखांकित करता है।
यह सम्मान समारोह आरपीएफ के सभी कर्मियों को कर्तव्यपालन में साहस, ईमानदारी, संवेदनशीलता और व्यावसायिक उत्कृष्टता के उच्च मानदंड बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा।
कानूनी अधिकारों से आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तक आरपीएफ का विकास
रेलवे सुरक्षा बल का इतिहास भारतीय रेल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर किए गए प्रयासों और बदलती जिम्मेदारियों के अनुरूप विकास की यात्रा को दर्शाता है। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 के माध्यम से बल को वैधानिक पहचान मिली तथा रेलवे सुरक्षा बल नियमावली, 1959 ने इसके कार्य संचालन के लिए व्यवस्थित ढांचा प्रदान किया।
वर्ष 1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान सीमावर्ती जिलों में रेलगाड़ियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ के मौजूदा बल से विशेष आपातकालीन बल (SEF) का गठन किया गया, जिसे वर्ष 1965 में रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) का नाम दिया गया। रेलवे संपत्ति की अवैध अभिरक्षा को रोकने के उद्देश्य से रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 ने कानूनी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया।
20 सितंबर 1985 को रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 में संशोधन के माध्यम से आरपीएफ को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा प्रदान किया गया। इसके बाद वर्ष 2003 में किए गए विधायी संशोधनों से यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से संबंधित इसकी जिम्मेदारियों का विस्तार हुआ। वर्ष 2019 में बल को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 42 एवं 67 के अंतर्गत निर्दिष्ट शक्तियां भी प्रदान की गईं।
रेलवे संपत्ति की सुरक्षा से लेकर यात्रियों की सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों के उपयोग तक, आरपीएफ ने समय के साथ अपनी कार्यप्रणाली एवं क्षमताओं को विकसित किया है। 42वां स्थापना दिवस इसी यात्रा, सेवा भावना और सुरक्षित रेल व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
तकनीकी प्रदर्शनी में आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों और डिजिटल नवाचारों का प्रदर्शन
स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में भारतीय रेल की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, डिजिटल प्रणालियों और नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी एवं गश्त, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ तथा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डिजिटल उपकरण शामिल होंगे।
इनमें क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) तथा नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) प्रमुख हैं। इन तकनीकों के माध्यम से अपराध संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान, पहचान संबंधी प्रक्रियाओं और सुरक्षा कार्यों में डिजिटल साधनों की उपयोगिता को रेखांकित किया जाएगा।
प्रदर्शनी यह दर्शाएगी कि आधुनिक निगरानी प्रणालियों, तकनीकी नवाचारों और डिजिटल समाधानों का समन्वित उपयोग रेलवे सुरक्षा को अधिक सक्षम, प्रभावी और समयानुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सुरक्षित रेल यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता का पुनः संकल्प
आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस समारोह बल की गौरवशाली सेवा परंपरा, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों के सम्मान तथा आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को एक साथ प्रस्तुत करेगा। भव्य परेड बल के अनुशासन एवं परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करेगी, पदक अलंकरण कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा को सम्मानित करेगा तथा तकनीकी प्रदर्शनी रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचारों और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित करेगी।
रेलवे सुरक्षा बल अपनी समर्पित सेवा, साहस, ईमानदारी और व्यावसायिक दक्षता के साथ रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा तथा भारतीय रेल में सुरक्षित यात्रा का वातावरण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सेवा की सुदृढ़ परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय के साथ आरपीएफ सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल व्यवस्था के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
