बैलट पेपर से मिली जीत ने खोला ईवीएम पर विलाप करने वालों का पोल: सीएम विष्णु देव साय
* ओडिशा छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की ऐतिहासिक जीत पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का विपक्ष पर बड़ा प्रहार
* बोले मुख्यमंत्री- “नारेबाजी और आरोपों से नहीं, जनसेवा और समर्पण से मिलता है जनविश्वास”
* 8 साल बाद हुए चुनावों ने साबित किया— युवा पीढ़ी को पसंद है केवल काम और राष्ट्रहित का विचार
रायपुर/भुवनेश्वर 17 अक्टूबर ।
ओडिशा में लंबे समय (आठ वर्षों) के इंतजार के बाद संपन्न हुए छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को मिली प्रचंड और शानदार सफलता पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरी खुशी जताई है। इस ऐतिहासिक जीत पर उन्होंने सभी विजयी प्रत्याशियों और युवा कार्यकर्ताओं को बधाई देने के साथ ही देश की राजनीति में ईवीएम (EVM) और संवैधानिक संस्थाओं को मोहरा बनाने वाले विपक्षी दलों पर अब तक का सबसे तीखा और करारा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने कड़े संदेश में साफ तौर पर कहा कि ओडिशा छात्रसंघ के ये चुनाव उन लोगों के मुंह पर एक करारा और स्पष्ट तमाचा हैं, जो हर चुनावी पराजय का ठीकरा ईवीएम और देश की निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ते आए हैं।
बैलट पेपर से आया परिणाम, अब क्या कहेंगे ईवीएम विरोधी?
मुख्यमंत्री ने इस चुनाव की विशेष प्रक्रिया को रेखांकित करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “विशेष बात यह है कि ओडिशा छात्र संघ के ये चुनाव किसी ईवीएम (EVM) मशीन से नहीं, बल्कि पूरी तरह बैलेट पेपर (मतपत्र) से हुए हैं। इतना ही नहीं, इस पूरी चुनाव प्रक्रिया का संचालन देश के निर्वाचन आयोग ने नहीं, बल्कि वहां के शिक्षण संस्थानों ने खुद किया है।”
श्री साय ने आगे कहा कि इसके बावजूद जो परिणाम आए हैं, वे राष्ट्रवाद और छात्र कल्याण की विचारधारा की जीत को दर्शाते हैं। यह परिणाम उन ताकतों के लिए एक आईना है, जो अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने के बाद हर बार ईवीएम और निर्वाचन आयोग जैसी पवित्र संस्थाओं पर अनर्गल सवाल खड़े कर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश करती हैं।
जनादेश पर सवाल उठाना आसान, जनविश्वास जीतना कठिन
मुख्यमंत्री ने सच्चे नेतृत्व की परिभाषा बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं का भरोसा केवल नारों से नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा, “जनादेश पर सवाल उठाना बहुत आसान काम है, लेकिन धरातल पर उतरकर जनसेवा करना और निरंतर समर्पण के माध्यम से जनता का अटूट विश्वास अर्जित करना ही सच्चे नेतृत्व की असली पहचान है।” मुख्यमंत्री ने एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि उनके निरंतर संघर्ष और परिसर में छात्रों के हक के लिए किए गए कार्यों को ही ओडिशा के युवाओं ने यह ऐतिहासिक जनादेश दिया है।
नारों और आरोपों से आगे बढ़ चुकी है आज की युवा पीढ़ी
आज के युवाओं की सोच और परिपक्वता की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अब भटकाने वाली राजनीति, खोखले नारों और बेबुनियाद आरोपों से बहुत आगे निकल चुकी है। आज का युवा सकारात्मक नेतृत्व, ठोस कार्य और देशहित के विचार को सबसे ज्यादा महत्व देता है। ओडिशा के छात्रसंघ चुनाव के नतीजों ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि युवा शक्ति सिर्फ और सिर्फ विकास और राष्ट्रवादी नीतियों के साथ खड़ी है।
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस बेहद आक्रामक और तार्किक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्री साय ने इस छात्र चुनाव के बहाने राष्ट्रीय स्तर पर ईवीएम को लेकर नैरेटिव सेट करने वाले विपक्ष के गुब्बारे की हवा निकाल दी है। छत्तीसगढ़ से लेकर ओडिशा तक, सीएम साय के इस बयान को युवाओं और आम जनता के बीच काफी पसंद किया जा रहा है और इसे सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।
इस जीत को राष्ट्रवाद की बड़ी विजय बताते हुए मुख्यमंत्री ने ओडिशा के उज्जवल भविष्य की कामना की है और युवाओं का आह्वान किया है कि वे देश के निर्माण में इसी तरह अपनी ऊर्जा लगाते रहें।
