नवरात्र उत्सव में बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय — “विकास भी, विरासत भी के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़”
मातृशक्ति का सम्मान और स्वावलंबन ही विकसित छत्तीसगढ़ की असली नींव: साय
- नारी सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ से 68 लाख महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान, राज्य में तैयार हुईं 14 लाख ‘लakhpati Didis’
- सांस्कृतिक एकता: राजधानी रायपुर में गरबा व नवरात्र आयोजनों में शामिल हुए मुख्यमंत्री; कहा— गरबा केवल नृत्य नहीं, भक्ति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम
- श्रद्धा और परंपरा: छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन भूमि, शक्तिपीठ और हमारी गौरवशाली परंपराएं राज्य की सांस्कृतिक धरोहर

विशेष संवाददाता | रायपुर (18 अक्टूबर 2026)
आदिशक्ति माँ दुर्गा की उपासना के पावन पर्व नवरात्र के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास में सराबोर है। नवरात्र और गरबा महोत्सव के विभिन्न भव्य कार्यक्रमों में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पर्व की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नारी शक्ति का विकास केवल एक परिवार की प्रगति नहीं, बल्कि समाज और पूरे प्रदेश की उन्नति का मजबूत आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के विजन पर चलते हुए छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
कालीबाड़ी में की पूजा-अर्चना, विभिन्न समाजों के गरबा आयोजनों में पहुंचे मुख्यमंत्री
नवरात्र के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कालीबाड़ी स्थित माँ काली मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए और प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की प्रार्थना की।
इसके पश्चात वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित ‘श्री पाटीदार नवरात्र महोत्सव’, भनपुरी में आयोजित गरबा उत्सव, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज के नवरात्र महोत्सव तथा अमलीडीह में आयोजित ‘ढोलिडा रास गरबा 2026’ सहित शहर के कई गरबा पांडालों में पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “गरबा केवल एक लोकनृत्य या उत्सव नहीं है, बल्कि यह माँ दुर्गा के प्रति हमारी अगाध श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति है। गुजरात से शुरू हुई यह समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में सामाजिक सौहार्द और एकता का प्रतीक बन चुकी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन अलग-अलग समाजों को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं।”
68 लाख महिलाओं को महतारी वंदन का संबल, 14 लाख बनीं ‘लखपति दीदी’
महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां रेखांकित कीं:
- महतारी वंदन योजना: राज्य की लगभग 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹1,000 की वित्तीय सहायता सीधे ट्रांसफर की जा रही है। यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। महिलाएँ इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों में कर रही हैं।
- 14 लाख लखपति दीदी: मुख्यमंत्री ने बताया कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी राज्य की 14 लाख महिलाएँ अपनी कड़ी मेहनत, उद्यमिता और कौशल के बल पर ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मातृशक्ति की भूमिका सबसे अहम है।
छत्तीसगढ़: शक्ति साधना की पावन धरा
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के पौराणिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश माता कौशल्या की पावन भूमि है। दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ में माँ बमलेश्वरी, रतनपुर में माँ महामाया और चंद्रपुर में माँ चंद्रहासिनी जैसी महान शक्तिपीठें हमारी आस्था और पहचान का केंद्र हैं। नवरात्र में गाँव-गाँव और शहर-शहर जलने वाले ज्योति कलश प्रदेश की अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक जीवंतता का प्रमाण हैं।
शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों का होगा कायाकल्प
‘विकास भी, विरासत भी’ की नीति को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इन स्थलों को धार्मिक पर्यटन से जोड़कर राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर निहारा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहकर ही विकास की यात्रा को सही दिशा दी जा सकती है। नवरात्र जैसे त्यौहार हमारी युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति: इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री देवजी भाई पटेल, विधायक श्री जयंती पटेल, श्री जगदीश पटेल, विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
