बस्तर की हर मुस्कान में वीर जवानों की शहादत का अंश, भय की जगह विश्वास का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
• प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह की संकल्प शक्ति से नक्सलवाद की कगार से मुक्त हुआ छत्तीसगढ़
• सीएम साय का भावुक संदेश: कोबरा, सीआरपीएफ और पुलिस के वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा राष्ट्र

विशेष संवाददाता
रायपुर 21 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर और पूरे प्रदेश में लौट रही शांति और खुशहाली को लेकर एक बेहद संवेदनशील और दमदार संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि जहाँ कभी बस्तर में भय और आतंक का साया था, आज वहाँ विकास का नया सूरज उगा है। यह ऐतिहासिक बदलाव देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ संकल्प शक्ति का परिणाम है, जिसके चलते आज छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़कर विकास का एक नया अध्याय लिख रहा है।
जवानों के अदम्य साहस से बदला बस्तर का मुकद्दर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर की शांति के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले सुरक्षाबलों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक बदलाव कोबरा (CoBRA), सीआरपीएफ (CRPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस के वीर जवानों के अदम्य साहस और शौर्य से ही साकार हो सका है। हमारे जांबाज जवानों ने अपने परिवारों से दूर रहकर, घने जंगलों और कठिनतम परिस्थितियों में अपनी जान की बाजी लगाई है, ताकि बस्तर के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली लौट सके।”
शहादत की नींव पर खड़ा हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़
वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने अत्यंत भावुक शब्दों में कहा कि आज बस्तर के बच्चों की आँखों में जो सपने हैं और परिवारों में बेहतर कल की जो उम्मीदें दिख रही हैं, उसके पीछे हमारे जवानों का त्याग है। उन्होंने कहा, “बस्तर की हर मुस्कान में इन वीरों के त्याग, समर्पण और शहादत का अंश है। राष्ट्र इन वीर जवानों और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा।” सीएम साय ने संकल्प दोहराया कि शहीदों के इस बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और उनकी सरकार एक शांत, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।
भय से मुक्ति, सपनों को उड़ान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य सरकार की नक्सलवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और बस्तर के आदिवासियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। जहाँ पहले बस्तर को केवल हिंसा के लिए जाना जाता था, आज वह विकास, शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों के कारण देश-दुनिया में अपनी नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री के इस संदेश ने न केवल मोर्चे पर डटे जवानों का हौसला बढ़ाया है, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता में सुरक्षा और समृद्धि के प्रति एक नया विश्वास भी जगाया है।
जय हिंद!
