रायपुर में देशभक्ति का महाकुंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, गूंजा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प
रायपुर में दिखा ऐतिहासिक जनसैलाब, एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ उतरी नई पीढ़ी

रायपुर, 10 अगस्त 2026: राजधानी रायपुर आज पूरी तरह से राष्ट्रभक्ति के रंगों में रंगी नजर आई। अवसर था मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निकाली गई भव्य और विशाल तिरंगा यात्रा का। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से लेकर सुभाष स्टेडियम तक निकले इस ऐतिहासिक मार्च में हजारों की संख्या में नागरिक, युवा, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और पूर्व सैनिक राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने खुद हाथ में तिरंगा थामकर जनसैलाब के साथ कदम से कदम मिलाया, जिससे पूरे प्रदेश में उत्साह और ऊर्जा का संचार हो गया।
स्कूली विद्यार्थियों द्वारा थामे गए लगभग एक किलोमीटर लंबे तिरंगे ने इस पूरी यात्रा को अलौकिक और ऐतिहासिक बना दिया। रास्ते में जगह-जगह नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ के गगनभेदी जयघोष से पूरी राजधानी गूंज उठी।
तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों को जोड़ता है एक सूत्र में: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। यह केवल एक राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है।
- एकता का प्रतीक: मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत शक्ति है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद यह हम सभी को भारतीय होने के साझा गौरव से जोड़ता है।
- हर घर तिरंगा अभियान: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने की अपील की।
- बलिदानों का स्मरण: मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, तपस्या और बलिदान है। इस गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य से नई पीढ़ी का परिचित होना बेहद आवश्यक है।
छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों को नमन: शहीद वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर की शौर्यगाथा
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की धरती के महान स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों को आदरपूर्वक नमन किया:
- शहीद वीर नारायण सिंह: उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में गरीबों के हक के लिए लड़ने और अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने वाले शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है।
- गुण्डाधुर: बस्तर के महान जननायक गुण्डाधुर की शौर्यगाथा को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर अदम्य साहस का परिचय दिया। उनका नेतृत्व आज भी छत्तीसगढ़वासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
बस्तर में शांति, विश्वास और विकास के साथ लहराएगा तिरंगा
बस्तर के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़ चुका है।
- डबल इंजन सरकार की इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के साहस से नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में है।
- जिन क्षेत्रों में कभी भय था, वहां अब सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
- इस वर्ष बस्तर के दूरस्थ अंचलों और गांवों में भी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराएगा।
दिग्गजों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
इस भव्य आयोजन में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी शिरकत की।
- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि यह यात्रा उन राष्ट्रनायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है जिनके बलिदान से हमें आजादी मिली। युवाओं की भारी उपस्थिति यह बताती है कि नई पीढ़ी के दिलों में राष्ट्रप्रेम सर्वोपरि है।
- उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है और यह यात्रा राष्ट्रभक्ति की एक सामूहिक अभिव्यक्ति है।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, महापौर तथा बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
