छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर: मुख्य सचिव ने ली यूनिसेफ और वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक

रायपुर, 10 अगस्त 2026 — राज्य में बच्चों के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता सेवाओं को अभूतपूर्व मजबूती देने की दिशा में शासन ने कड़े और प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ के प्रतिनिधियों और विभिन्न प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान कुपोषण, एनिमिया, मातृ-शिशु मृत्यु दर और बाल विवाह जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए बहु-विभागीय रणनीतियों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु एवं प्रमुख निर्णय
- पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: बैठक में बच्चों में कुपोषण, एनिमिया, विकास में देरी (स्टंटिंग) और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विमर्श किया गया। बच्चों के लिए आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फोलेट, विटामिन बी-12 और जिंक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
- कम्यूनिटी मैनेजमेंट का विस्तार: बच्चों के कम्यूनिटी मैनेजमेंट कार्यक्रम को राज्य के सभी जिलों तक प्रभावी ढंग से विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को उचित खानपान संबंधी सहायता देने हेतु स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता में वृद्धि पर जोर दिया गया।
- टेक होम राशन और घरेलू पोषण पर फोकस: टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को और बढ़ाने के साथ-साथ घरों में पौष्टिक भोजन बनाने और बच्चों को सही तरीके से भोजन कराने की पद्धतियों को बढ़ावा देने की रूपरेखा तैयार की गई।
- ग्राम पंचायत स्तर पर ‘अनाज बैंक’ की अवधारणा: ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज, दालों और फलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक स्थापित करने के विचार पर चर्चा हुई। साथ ही, किसानों को विविध एवं पोषक तत्वों से भरपूर फसलों और दालों के अच्छे बीज उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
- बस्तर में एनिमिया के खिलाफ विशेष अभियान: राज्य में मलेरिया के मामलों में एंटी-मलेरिया अभियानों के कारण आई उल्लेखनीय कमी पर संतोष जताया गया। वहीं, बस्तर अंचल में बच्चों में एनिमिया की समस्या से निपटने के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन की समीक्षा की गई।
- अंतर-विभागीय समन्वय: मुख्य सचिव ने सभी जिलों में बाल स्वास्थ्य योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन और जरूरतमंदों तक समय पर सेवाएं पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, तथा आयुक्त समग्र शिक्षा सुश्री किरण कौशल सहित शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।
