‘मॉक पार्लियामेंट’ बनाकर राहुल गांधी ने उड़ाया लोकतंत्र का मखौल, हिम्मत है तो सामने आएं, हम विशेष सत्र में चर्चा को तैयार: अमित शाह
- गृह मंत्री अमित शाह का कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
- कहा- नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार, विपक्ष संसद चलने दे
- SIR (एसआईआर) के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाकर बहस करने की दी खुली चुनौती
रायपुर, 4 नवंबर (विशेष प्रतिनिधि):
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी द्वारा आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ (नकली संसद) पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस नेता ने ऐसा करके देश की संसद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सरेआम मखौल उड़ाया है। उन्होंने कहा कि नकली संसद सजाकर वहां चर्चा का सिर्फ नाटक किया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
चर्चा से भागने वाली नहीं, चर्चा करने वाली सरकार है: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, “मैं राहुल जी से स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि नरेंद्र मोदी सरकार देश के हर जरूरी और संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। विपक्ष को नकारात्मक राजनीति छोड़कर संसद को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चर्चा संसद के भीतर होती है, सड़कों पर नाटक करके नहीं।
SIR (एसआईआर) पर विशेष सत्र बुलाने का बड़ा एलान
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज करते हुए अमित शाह ने एक बड़ा दांव खेला है। उन्होंने एलान किया कि सरकार SIR (एसआईआर) के मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर है और इस पर विस्तृत चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र (Special Session) बुलाने के लिए भी तैयार है।
‘हिम्मत है तो देश की जनता के सामने आएं’
विपक्ष के रवैये पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने राहुल गांधी को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस और राहुल गांधी में वाकई हिम्मत है, तो वे देश की जनता के सामने आएं और संसद के पटल पर हमसे चर्चा करके दिखाएं।” शाह ने साफ किया कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने का माद्दा रखती है, लेकिन विपक्ष सिर्फ हंगामा खड़ा कर भागना चाहता है।
सियासी तापमान गरमाया
अमित शाह के इस बेहद आक्रामक और सीधे हमले के बाद देश और प्रदेश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। गृह मंत्री के इस बयान को कांग्रेस के उस आक्रामक रुख के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके तहत विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह द्वारा ‘विशेष सत्र’ और ‘खुली चुनौती’ की बात करने से अब गेंद पूरी तरह से विपक्ष के पाले में आ गई है।
