अमित शाह का बड़ा बयान: “अटल जी की विरासत का गौरव, नक्सलमुक्ति की सिद्धि और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प”
रायपुर, 4 नवंबर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की पावन धरा को नमन करते हुए प्रदेश के विकास, सुरक्षा और अस्मिता को लेकर एक बेहद दमदार और ऐतिहासिक वक्तव्य दिया है। उन्होंने आज के दिन को प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा, “आज का दिन गौरव, संकल्प और सिद्धि का त्रिवेणी संगम है।”
केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की यात्रा और इसके भविष्य के रोडमैप को तीन मजबूत स्तंभों में परिभाषित किया:
- अटल जी की विरासत का ‘गौरव’: श्री अमित शाह ने भावुक और प्रभावी ढंग से याद किया कि यह भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए परम ‘गौरव’ की बात है कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने इस पावन भूमि की अस्मिता को समझा और इसे एक अलग राज्य के रूप में नई पहचान दी। अटल जी की यही दूरदर्शिता आज छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान का आधार है।
- नक्सलमुक्ति की ‘सिद्धि’: सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ी कामयाबी का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्षों से नक्सलवाद का दंश झेला है। लेकिन आज इतने वर्षों का ‘नक्सलमुक्ति का संकल्प’ धरातल पर साकार हो चुका है। यह छत्तीसगढ़ की जनता और सुरक्षाबलों की संयुक्त ‘सिद्धि’ है, जिसने बस्तर से लेकर सरगुजा तक शांति और प्रगति का नया सवेरा लाया है।
- विकसित छत्तीसगढ़ का ‘संकल्प’: भविष्य की रूपरेखा तय करते हुए श्री शाह ने हुंकार भरी कि अब रुकने का समय नहीं है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के डबल इंजन नेतृत्व में अब हमारा एकमात्र ‘संकल्प’ छत्तीसगढ़ को देश का सबसे समृद्ध और विकसित राज्य बनाना है।
डबल इंजन सरकार से बदलेगी तस्वीर
अमित शाह के इस बयान ने छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और सामाजिक फिजां में एक नया जोश फूंक दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गृह मंत्री का यह बयान केवल एक वक्तव्य नहीं, बल्कि साय सरकार के सुशासन और मोदी जी की गारंटियों पर लगी एक मजबूत मुहर है। इस बयान से साफ है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
