छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया नमन

रायपुर, 12 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद, प्रख्यात समाजसेविका और जन-कल्याण की मसीहा स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने उनके कृतित्व और व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित वर्ग और मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था।
कुप्रथाओं के खिलाफ संसद से सड़क तक उठाई आवाज
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि मिनीमाता जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आजीवन कड़ा संघर्ष किया।
- बाल विवाह का विरोध: उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए जन-जागरण चलाया।
- दहेज प्रथा पर प्रहार: समाज में फैली दहेज प्रथा के खिलाफ उन्होंनेजमीनी स्तर से लेकर देश के सर्वोच्च सदन (संसद) तक मुखर होकर अपनी आवाज उठाई।
राज्य सरकार दे रही है उनके नाम पर सर्वोच्च सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को चिर-स्थाई बनाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘मिनीमाता राज्य अलंकरण पुरस्कार’ प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार उनके आदर्शों पर चलने और समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभूतियों को सम्मानित करने का माध्यम है।
“मिनीमाता जी का सादगी भरा, संघर्षशील और सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणा का एक ऐसा स्त्रोत है, जो सदैव छत्तीसगढ़ और देश का मार्गदर्शन करता रहेगा।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
