राजधानी में गूंजा राष्ट्रप्रेम: स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, सरगुजा संभाग रहा सिरमौर

रायपुर, 15 अगस्त 2026
79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह इस बार एक अनूठे सांस्कृतिक उत्सव में तब्दील हो गया। मौका था स्कूली विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का, जिसमें छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। लगभग साढ़े आठ सौ विद्यार्थियों ने अपने सुर, ताल और नृत्य से ऐसा समां बांधा कि पूरा परेड ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
संभागवार प्रदर्शन और विजेता
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें विभिन्न संभागों के बच्चों ने अपनी कला का जौहर दिखाया:
- प्रथम स्थान: सरगुजा संभाग (उत्तर क्षेत्र) के विद्यार्थी
- द्वितीय स्थान: दुर्ग संभाग (पश्चिम क्षेत्र) के विद्यार्थी
- तृतीय स्थान: रायपुर संभाग (मध्य क्षेत्र) के विद्यार्थी
समारोह के मुख्य अतिथि (मुख्यमंत्री) ने विजेताओं को शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया और बच्चों की हौसलाफजाई की।
मनमोहक प्रस्तुतियां: एक नजर में
1. सरगुजा संभाग (प्रथम): ‘वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान’
सरगुजा संभाग के 286 छात्र-छात्राओं ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्षों की गौरवशाली तपस्या और मातृभूमि के प्रति अनंत प्रेम को जीवंत किया। रिमिक्स धुनों पर सजी इस देशभक्ति प्रस्तुति में युवा शक्ति से परिपूर्ण और नित-नई ऊंचाइयों को छूते आधुनिक भारत की एक बेहद आकर्षक तस्वीर पेश की गई।
2. दुर्ग संभाग (द्वितीय): ‘सजता, संवरता, निखरता ये देश’
दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य के जरिए देश की विविधता और विकास यात्रा को मंच पर उतारा। बच्चों ने अपने कदमों की लय, थिरकते पांवों और अदम्य ऊर्जा के जरिए राष्ट्र प्रेम की ऐसी अटूट झलक दिखाई कि दर्शक दीर्घा मंत्रमुग्ध हो गई। विभिन्न उत्सवों और अवसरों पर होने वाले पारंपरिक नृत्यों की छाप इस प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
3. रायपुर संभाग (तृतीय): ‘संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े’
मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 बच्चों ने एक दमदार फ्यूजन गीत पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस प्रस्तुति का मुख्य आकर्षण देश के वीर सैनिकों का शौर्य, उनका त्याग और उनका सर्वोच्च बलिदान था। बच्चों ने अपने भावपूर्ण अभिनय और नृत्य से देश के रखवालों की गाथा को इस शिद्दत से मंच पर उतारा कि हर दर्शक की आँखें गर्व से नम हो गईं।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अनूठी मिसाल पुलिस परेड ग्राउंड में सजी यह महफिल इस बात का प्रमाण थी कि छत्तीसगढ़ के नौनिहालों में कला और देशप्रेम कूट-कूट कर भरा है। बच्चों के इन शानदार प्रदर्शनों ने स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व को और अधिक गरिमामयी और यादगार बना दिया।
