छत्तीसगढ़ सरकार की ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘TIN पोर्टल’ का शुभारंभ, बस्तर के टिन संग्राहकों की चमकेगी किस्मत
रायपुर, 1 सितम्बर अगस्त 2026 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CMDC) द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित TIN (ट्राइबल इंसेंटिव्स ऑन नेचुरल रिसोर्सेज़) पोर्टल का भव्य शुभारंभ किया।
इस अवसर पर केंद्रीय कोयला और खान राज्यमंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, केंद्रीय शहरी आवासन राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और सीएमडीसी के चेयरमैन श्री सौरभ सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह पहल बस्तर संभाग के टिन संग्राहक जनजातीय परिवारों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे खनिज संसाधनों को सीधे उनकी आजीविका और समृद्धि से जोड़ा जा रहा है।
पोर्टल की मुख्य विशेषताएं और तकनीक आधारित पारदर्शिता
पारंपरिक टिन खरीदी प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए इस पोर्टल में अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है:
- LME आधारित पारदर्शी मूल्य निर्धारण: टिन के अंतरराष्ट्रीय बाजार यानी लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) के आधार पर मूल्य तय होगा, जिससे संग्राहकों को बाजार के सटीक और उचित भाव मिल सकेंगे।
- DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर): बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह समाप्त करते हुए, टिन बिक्री की पूरी राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
- डिजिटल और स्मार्ट वर्कफ्लो: पोर्टल पर डिजिटल रजिस्ट्रेशन, क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट सत्यापन, ऑनलाइन स्टॉक मैनेजमेंट और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। हितग्राहियों को हर अपडेट एसएमएस अलर्ट के जरिए मिलेगा।
- मानकीकृत SOP से बचत: नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत सैंपलिंग की संख्या 12 से घटाकर 6 कर दी गई है और मासिक विश्लेषण शुल्क आधा कर दिया गया है। इससे सीएमडीसी को सालाना लगभग 10 लाख रुपए की बचत होगी।
विस्तार और आर्थिक लाभ के आंकड़े
बस्तर अंचल के सुदूर इलाकों के टिन संग्राहकों को घर के पास ही सुविधा देने के लिए वर्तमान में संचालित 06 क्रय केंद्रों (बचेली, कटेकल्याण, चिकपाल, तोंगपाल, नामा और चिंतलनार) के अलावा, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में 03 नए केंद्र खोलने का प्रस्ताव है।
जनजातीय परिवारों को इस व्यवस्था से लगातार बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है:
- वित्तीय वर्ष 2024-25: 8,707.2 किलोग्राम टिन अयस्क के एवज में लगभग 90.82 लाख रुपए का भुगतान।
- वित्तीय वर्ष 2025-26: 20,895.335 किलोग्राम टिन अयस्क के एवज में लगभग 3.81 करोड़ रुपए का शानदार भुगतान।
CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच हुआ अहम समझौता
कार्यक्रम के दौरान सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग मजबूत होगा, बैंकिंग प्रणाली का दायरा बढ़ेगा और जनजातीय हितग्राहियों को मूल्य संवर्धन के साथ त्वरित भुगतान का लाभ मिलेगा।
यह ‘मिनरल-टू-लाइवलीहुड’ पहल न केवल बस्तर के टिन संग्राहकों की आय में क्रांतिकारी वृद्धि करेगी, बल्कि उन्हें औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर वित्तीय रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाएगी।
