## छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक फैसला: ‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल लॉन्च, अब पीएम आवास के हितग्राहियों को मिलेगी मुफ्त रेत

रायपुर 1सितम्बर : गरीबों के पक्के मकान के सपने को अब आर्थिक तंगी की दीमक नहीं खा सकेगी। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के ग्रामीण अंचल के जरूरतमंदों के लिए एक बेहद संवेदनशील और क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिज़ॉर्ट में आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में ‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया।
इस बहुप्रतीक्षित योजना के तहत अब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के हर एक पात्र हितग्राही को घर निर्माण के लिए निःशुल्क रेत मुहैया कराई जाएगी। सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक से गरीबों के सिर पर पक्की छत का सपना अब बिना किसी रुकावट के तेजी से हकीकत में बदलेगा।
आवास निर्माण की सबसे बड़ी अड़चन हुई छूमंतर
ग्रामीण इलाकों में मकान बनाते वक्त सबसे बड़ा आर्थिक संकट निर्माण सामग्री, खासकर रेत की व्यवस्था करने में आता है। परिवहन खर्च, महंगे दाम और बिचौलियों के फेर में पड़कर अक्सर गरीब परिवार कर्ज के जाल में फंस जाते थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह पहल इसी बुनियादी समस्या पर सीधा प्रहार है। सरकार ने निर्माण सामग्री को जनकल्याण से जोड़ते हुए यह सुनिश्चित कर दिया है कि पैसे के अभाव में राज्य में एक भी गरीब का मकान अधूरा न रहे। निःशुल्क रेत मिलने से निर्माण लागत में भारी कमी आएगी, जिससे ग्रामीण परिवारों की जेब पर पड़ने वाला बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।
तकनीक का कमाल: शत-प्रतिशत ऑनलाइन और पारदर्शी व्यवस्था
‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी इसकी आधुनिक और डिजिटल कार्यप्रणाली है:
- डिजिटल आवेदन व स्वीकृति: पोर्टल के जरिए रेत की मांग से लेकर उसकी स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
- बिचौलियों का खेल खत्म: व्यवस्था पारदर्शी होने से भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं।
- दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति: अब हितग्राहियों को अधिकारियों के पीछे नहीं भागना पड़ेगा, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
- सीधा और त्वरित लाभ: पारदर्शी प्रक्रिया के चलते पात्र हितग्राहियों तक बिना किसी अड़चन के समय पर रेत पहुंचाई जाएगी।
‘आपके सपनों का घर, हमारी जिम्मेदारी’
यह योजना सिर्फ एक सरकारी आदेश भर नहीं है, बल्कि यह सरकार की उस दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है जो समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। निःशुल्क रेत की यह सौगात छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवारों को एक सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक जीवन जीने का बड़ा संबल देगी।
‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल के जरिए सरकार ने यह साबित कर दिया है कि जनहित सर्वोपरि है और गरीबों का विकास ही सुशासन की असल पहचान है।
