छत्तीसगढ़: खनिज संपदा के क्षेत्र में देश का सिरमौर — सामरिक खनिजों के नए दौर से चमकी राज्य की तकदीर

रायपुर, 1 सितंबर 2026 — भारत के औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक भविष्य का नया पावरहाउस बनकर उभरे छत्तीसगढ़ ने खनिज विकास के मोर्चे पर एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर छू लिया है। राजधानी रायपुर के एक प्रतिष्ठित होटल में आज खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों (Critical and Strategic Mineral Blocks) की नीलामी की 8वीं श्रृंखला पर भव्य रोड शो का आयोजन किया गया।
इस उच्च-स्तरीय राष्ट्रीय समागम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण (Clean Energy Transition) के राष्ट्रीय विजन को अमलीजामा पहनाने में छत्तीसगढ़ की भूमिका सबसे अहम और निर्णायक है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अध्यक्षता कर रहे कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे की उपस्थिति में हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आश्वस्त संदेश: “पारदर्शिता, सुगमता और त्वरित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी केवल अन्न ही नहीं उपजाती, बल्कि इसके गर्भ में छिपे बेशकीमती खनिज देश की औद्योगिक शक्ति को अनंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार खनिज दोहन के साथ-साथ पर्यावरण और स्थानीय हितों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने के लिए कटिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतरीन प्रशासनिक समन्वय का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ देश का सबसे पसंदीदा और निवेशक-अनुकूल राज्य बन चुका है। राज्य सरकार उद्योगपतियों को पारदर्शी नीतियां, त्वरित अनुमतियां और एक सुरक्षित व अनुकूल कारोबारी माहौल प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
केंद्रीय मंत्रियों के दूरदर्शी विचार: भारत की खनिज सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम
कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने अपने संबोधन में आधुनिक तकनीकों, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), सोलर पावर, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक जैसे भविष्य के उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने आह्वान किया कि देश को केवल कच्चे माल के निर्यात तक सीमित न रहकर घरेलू मूल्य श्रृंखला (Domestic Value Chain) और परिशोधन क्षमताओं को मजबूत करना होगा।
आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा, प्रचुर प्राकृतिक संपदा और कुशल युवा कार्यबल निवेशकों को लंबी अवधि का लाभ सुनिश्चित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन खनिजों के व्यावसायिक दोहन से राज्य के नए औद्योगिक केंद्रों का विकास होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के विशाल अवसर पैदा होंगे।
सीएमडीसी की अनूठी पहल: टिन पोर्टल से आदिम संग्राहकों को सीधा लाभ
सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की असीम खनिज संपदा का विवरण देते हुए निवेशकों को खुली दावत दी। उन्होंने राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल और पारदर्शी खनन प्रणालियों की सराहना करते हुए ‘टिन पोर्टल’ का विशेष जिक्र किया। इस अनूठी व्यवस्था के माध्यम से आदिवासी टिन संग्राहकों को उनके श्रम का पारदर्शी और पूरा लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही, टिन-युक्त संसाधनों से कोलंबाइट जैसे दुर्लभ खनिजों की खोज के अभिनव प्रयासों ने राज्य की तकनीकी क्षमता को सिद्ध कर दिया है।
8वीं नीलामी श्रृंखला के महत्वपूर्ण आंकड़े: छत्तीसगढ़ में छिपे हैं देश के भविष्य के खजाने
खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र ने एक महत्वपूर्ण आंकड़े साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार के नीतिगत सुधारों और पारदर्शी ई-नीलामी के चलते देश का महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र बेहद मजबूत हुआ है। अब तक प्रस्तुत किए गए 88 महत्वपूर्ण ब्लॉकों में से 56 की सफल नीलामी हो चुकी है।
- 8वीं श्रृंखला का दायरा: इस बार 9 राज्यों में फैले 20 प्रमुख ब्लॉक मैदान में हैं, जिनमें 17 समग्र लाइसेंस (Composite Licence) और 3 खनन पट्टा (Mining Lease) ब्लॉक शामिल हैं।
- छत्तीसगढ़ का दबदबा: इन 20 में से 5 सामरिक खनिज ब्लॉक अकेले छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित हैं, जो राज्य के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।
- प्रमुख खनिज: इस श्रृंखला में ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements), दुर्लभ धातु, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश, फॉस्फोराइट और ग्लॉकोनाइट जैसे अति-मूल्यवान खनिज शामिल हैं।
खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री संदीप कदम ने खनन के दायरे से आगे बढ़कर प्रसंस्करण (Processing) और परिशोधन (Refining) पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
तकनीकी सत्र और उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक: गति पकड़ेंगे नए प्रोजेक्ट्स
रोड शो के दौरान आयोजित तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने निवेशकों का मार्गदर्शन किया:
- एनएमईडीटी के महानिदेशक श्री पंकज गर्ग ने अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति की योजना समझाई।
- एमईसीएल के एचओडी श्री श्रीकांत शर्मा ने खनिज ब्लॉकों की संभावनाओं का तकनीकी विवरण दिया।
- एसबीआईसीएपीएस के सहायक उपाध्यक्ष श्री प्रतिन शर्मा ने नीलामी प्रक्रिया और एमएसटीसी के सहायक प्रबंधक श्री पुष्कर हजेला ने ई-नीलामी के तौर-तरीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के तुरंत बाद खान सचिव श्री केशव चंद्र की अध्यक्षता में खनिज ब्लॉक आवंटियों और पसंदीदा बोलीदाताओं की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें आवंटित ब्लॉकों के संचालन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा कर उनके त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इस बैठक ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार मिलकर राज्य को देश का प्रमुख मिनरल हब बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।
