छत्तीसगढ़ शिक्षा जगत का सबसे बड़ा इतिहास: नवा रायपुर में खुलेगा देश का प्रतिष्ठित ‘एनएमआईएमएस’ (NMIMS)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की ऐतिहासिक छलांग; सेक्टर-18 में 40 एकड़ भूमि पर आकार लेगा वर्ल्ड-क्लास कैंपस
लीज और रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी: 90 साल के लिए आवंटित जमीन, दो-तीन साल में शुरू होगा पहला बैच और 10,000 युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर, 1 सितंबर 2026 — छत्तीसगढ़ के शैक्षिक इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और ठोस इच्छाशक्ति के चलते, देश के सबसे प्रतिष्ठित और शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शुमार ‘नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज’ (NMIMS) अब छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में अपनी भव्य उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आज इस बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि की रजिस्ट्री की सभी विधिक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कर ली गईं। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही नवा रायपुर के देश के चुनिंदा और अग्रणी ‘एजुकेशन एवं नॉलेज हब’ के रूप में उभरने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
एक नजर में बड़ी बातें (Key Highlights):
- भव्य विस्तार: नवा रायपुर के प्राइम लोकेशन सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ के विशाल भू-भाग पर अत्याधुनिक कैंपस का निर्माण।
- लंबी अवधि का अनुबंध: संस्थान संचालित करने वाले प्रसिद्ध ‘श्री विले पार्ले केलवणी मंडल’ (SVKM) को 90 वर्षों की दीर्घकालिक लीज पर भूमि सौंपी गई है।
- युवाओं के लिए मेगा ऑपर्च्युनिटी: संस्थान के पूरी तरह विकसित होने पर लगभग 10,000 मेधावी छात्र-छात्राएं एक साथ विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
- समयसीमा: आगामी 2 से 3 वर्षों के भीतर संस्थान का पहला शैक्षणिक सत्र (बैच) प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- दिग्गजों की मौजूदगी: इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद तथा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प: “अब हमारे युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी नहीं”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गर्व के साथ कहा कि “हमारी सरकार का यह सपना था कि छत्तीसगढ़ के बच्चों को उच्च, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक स्तर की शिक्षा के लिए महानगरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्हें अपने ही गृह राज्य में देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के समान अवसर मिलें।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी संकल्प को पूरा करने के लिए इसी साल 21 जनवरी को मंत्रिपरिषद ने भूमि आवंटन को मंजूरी दी थी, और आज प्रशासनिक कसावट का नतीजा है कि लीज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया इतनी तेजी से पूरी हो गई है। सरकार का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक रोजगार, कौशल और प्रबंधन की ऐसी तालीम दी जाए जो उन्हें भविष्य की हर चुनौती के लिए तैयार कर सके।
छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेंगे चार चांद: बहुआयामी लाभ
एनएमआईएमएस (NMIMS) जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के छत्तीसगढ़ आने से राज्य को कई मोर्चों पर अभूतपूर्व लाभ मिलने वाला है:
- पलायन पर लगाम और ग्लोबल एजुकेशन घर-द्वार पर: अब छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं को मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरु जैसे महानगरों में महंगे खर्च पर जाने की जरूरत नहीं होगी; उन्हें रायपुर में ही इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की एजुकेशन मिलेगी।
- राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी साख: देश के कोने-कोने से छात्र, स्कॉलर्स और प्रोफेसर नवा रायपुर आएंगे, जिससे यहां एक वाइब्रेंट, डायनेमिक और मल्टी-कल्चरल एजुकेशनल एनवायरनमेंट क्रिएट होगा।
- इंडस्ट्री और एकेडमिया का परफेक्ट फ्यूजन: तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के उभरते उद्योगों को अपनी जरूरत के मुताबिक ‘स्किल्ड और ट्रेन ह्यूमन रिसोर्स’ आसानी से मिल सकेगा।
- लोकल इकोनॉमी और स्टार्टअप्स को बूस्ट: इस मेगा प्रोजेक्ट से नवा रायपुर में हॉस्पिटैलिटी, सर्विस सेक्टर, हाउसिंग और बिजनेस एक्टिविटीज को भारी गति मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के लाखों अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे।
नवा रायपुर बनेगा देश का नया ‘पावरहाउस ऑफ नॉलेज’
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और रोजगार को एक एकीकृत ढांचे के रूप में विकसित कर रही है। नवा रायपुर में एनएमआईएमएस (NMIMS) का आना इसी नीति की सबसे बड़ी सफलता है। यह केवल ईंट-पत्थर का कैंपस नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव है, जो आने वाले समय में प्रदेश की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल कर रख देगी।
