नारायणपुर के वनांचल में जल जीवन मिशन का ऐतिहासिक बदलाव: घर-घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, बदल रही जीवन की तस्वीर

रायपुर, 08 सितम्बर 2026: छत्तीसगढ़ के सुदूर, वनांचल और दुर्गम इलाकों में बसे नारायणपुर जिले में जल जीवन मिशन ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में खुशहाली, समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य की एक नई भोर लेकर आया है। कभी जिन इलाकों में पानी के लिए मीलों का पैदल सफर करना पड़ता था, आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के निरंतर और अथक प्रयासों से वहाँ हर घर नल से निर्मल जल पहुँच रहा है। यह महत्वाकांक्षी योजना नारायणपुर के अंतिम छोर पर बसे आदिवासी भाइयों और बहनों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
जल जीवन मिशन की प्रगति: एक नजर में आंकड़ों की जुबानी
जिले में इस योजना के बेहद प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन के चलते नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के दूरस्थ अंचलों में अभूतपूर्व कार्य हुआ है:
- व्यापक कवरेज: जिले के 379 गाँवों में जल जीवन मिशन के तहत बुनियादी ढांचे का निर्माण तेजी से पूरा किया गया है।
- नल कनेक्शन का लक्ष्य: निर्धारित 33,009 घरेलू नल कनेक्शनों के मुकाबले अब तक 22,923 परिवारों को सफलतापूर्वक नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।
- सफलता का प्रमाण: कुल 119 गाँवों को ‘हर घर जल’ के रूप में पूरी तरह प्रमाणित किया जा चुका है।
- पंचायतों को कमान: इन प्रमाणित गाँवों का प्रबंधन और रख-रखाव सीधे संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
भौगोलिक चुनौतियों को मात: दुर्गम क्षेत्रों में ‘सौर ऊर्जा’ बनी बड़ा सहारा
नारायणपुर की भौगोलिक परिस्थितियाँ बेहद कठिन, पथरीली और दूरस्थ हैं। पारंपरिक बिजली ग्रिड का विस्तार न हो पाने के कारण ऐसे दुर्गम अंचलों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे सरकार ने सौर ऊर्जा (Solar Power) के सशक्त विकल्प के जरिए पूरी तरह मुमकिन कर दिखाया है।
- जिले में अब तक कुल 1,084 सोलर पंप स्वीकृत किए गए हैं।
- इनमें से 852 सोलर पंप धरातल पर स्थापित किए जा चुके हैं।
- वर्तमान में 750 सोलर पंप पूरी क्षमता के साथ लगातार चालू हालत में हैं।
- सौर ऊर्जा की इस क्रांतिकारी तकनीक के माध्यम से 20,138 से अधिक घरों को सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल निरंतर मिल रहा है।
- इसके अलावा, 3,572 हैंडपंप भी ग्रामीणों की दैनिक जल आवश्यकताओं को पूरा करने में मजबूत साझीदार की भूमिका निभा रहे हैं।
महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव और बेहतर स्वास्थ्य
इस योजना का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के जीवन पर पड़ा है:
- समय की भारी बचत: पहले महिलाओं को सुबह से शाम तक पानी ढोने के लिए मीलों दूर जाना पड़ता था, जिससे उनका पूरा दिन संघर्ष में बीतता था। अब घर पर ही नल लग जाने से उनके समय की भारी बचत हो रही है, जिसका उपयोग वे अपने बच्चों की बेहतर परवरिश, घरेलू कामकाज और अन्य रचनात्मक कार्यों में कर रही हैं।
- मौसमी बीमारियों पर लगाम: दूषित पानी के सेवन से होने वाली उल्टी, दस्त, पीलिया और अन्य जलजनित मौसमी बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई है। ग्रामीण अब स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
- सतत जल संरक्षण: पानी की आपूर्ति के साथ-साथ जल स्रोतों की स्वच्छता, पाइपलाइन के नियमित रख-रखाव और वाटर हार्वेस्टिंग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
जल जीवन मिशन ने नारायणपुर के दुर्गम वनांचल अंचलों में विकास, स्वास्थ्य और खुशहाली की एक ऐसी मजबूत इबारत लिखी है, जो यहाँ के निवासियों के उज्ज्वल भविष्य की पूरी गारंटी दे रही है।
