रायपुर 5 अगस्त : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, तकनीकी उन्नयन और औद्योगिक विस्तार से जुड़े कई ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिए गए। इन फैसलों से छत्तीसगढ़ में तकनीकी क्रांति, रोजगार के नए अवसरों और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

कैबिनेट के मुख्य निर्णय:
- छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन: सुशासन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 5 वर्षों हेतु 500 करोड़ रुपये की लागत से इस मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 300 से अधिक स्टार्टअप्स को सहायता तथा 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- BEML का हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट संयंत्र: भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटन के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। यह राज्य का अपनी तरह का पहला भारी मशीन निर्माण उद्योग होगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे और MSME उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
- WAMIS प्रणाली का क्रियान्वयन: लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए सी-डैक (C-DAC) पुणे द्वारा विकसित ‘वर्क्स एण्ड अकाउंट Management इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (WAMIS) के प्रथम चरण को मंजूरी दी गई है। इससे ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-एमबी और बिल भुगतान जैसी सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल हो जाएंगी।

- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में संशोधन: बारहमासी सड़कों के निर्माण हेतु दिशा-निर्देशों में संशोधन कर ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क व नाली निर्माण तथा सड़क निर्माण से पूर्व मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्कता और बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा।
- एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 15 करोड़ का अनुदान: ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के क्रियान्वयन हेतु एडीबी से ‘Anjor LIGHT’ तकनीकी सहायता परियोजना के तहत पूर्णतः अनुदान प्राप्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इससे सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, ग्रीन फाइनेंस और क्लाइमेट-रेजिलिएंट परियोजनाओं को गति मिलेगी।
- State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल: राज्य योजनाओं की राशि के पारदर्शी और प्रभावी उपयोग के लिए एस-एसएनए मॉडल लागू किया जाएगा। एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से भुगतान होने से वित्तीय अनुशासन बढ़ेगा और योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
- CSPGCL द्वारा नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी करना: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को आमजन और संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी गई है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र के विकास को नया बल मिलेगा।
कैबिनेट के इन दूरदर्शी निर्णयों से छत्तीसगढ़ औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक मोर्चे पर देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
