रायपुर, 11 सितंबर 2026 — राजधानी रायपुर के जोरा मॉल स्थित सिनेमाघर में बुधवार को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और लोककल्याण का एक अत्यंत अलौकिक संगम देखने को मिला। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान संत नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को राज्य में पूरी तरह टैक्स फ्री (कर मुक्त) करने की बड़ी घोषणा की है।

इस विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने-अपने परिवारों के साथ सिनेमाघर पहुंचकर इस प्रेरणादायी फिल्म का आनंद लिया। उनके साथ मंत्रिपरिषद के कई वरिष्ठ सदस्य, विधायकगण और विभिन्न निगम-मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी उपस्थित रहे।

फिल्म को टैक्स फ्री करने के पीछे की मुख्य वजह
फिल्म के प्रदर्शन के उपरांत मीडिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति, सनातन आध्यात्मिक विरासत और देश की महान संत परंपरा से नई पीढ़ी को परिचित कराना हम सबका दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया:
- युवाओं को संस्कारों से जोड़ना: इस फिल्म को टैक्स फ्री करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि छत्तीसगढ़ के अधिकाधिक दर्शक, विशेषकर युवा वर्ग, भारत की समृद्ध संत परंपरा और उनके उच्च जीवन मूल्यों को गहराई से समझ सकें।
- सत्य और करुणा का संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने आचरण से मानवता और लोककल्याण का जो पाठ पढ़ाया है, वह अमूल्य है।

नीम करौली बाबा का जीवन: मानवता और भक्ति का अनमोल पाठ
फिल्म ‘हनुमान अंश’ के केंद्रीय विषय—महान संत नीम करौली बाबा—के जीवन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा का पूरा जीवन मानव सेवा, प्रेम और अगाध भक्ति का एक जीवंत और प्रेरणादायी उदाहरण है।
- मानव सेवा ही ईश्वर सेवा: उनका जीवन हमें यह अमूल्य सीख देता है कि जीवों और जरूरतमंदों की सेवा करना ही सबसे बड़ी ईश्वर की सेवा है।
- सरल जीवन और सर्वोपरि मानवता: नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवनशैली के माध्यम से समाज को यह समझाया कि सभी इंसानों के प्रति समान भाव रखना ही सच्चा धर्म है। उनके विचार आज के आधुनिक और व्यस्त दौर में भी समाज को एक सकारात्मक और सही दिशा देने की पूरी क्षमता रखते हैं।
सिनेमा मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कारों का सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता, कलाकारों और पूरी तकनीकी टीम के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल वक्त बिताने या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज तक उच्च विचार, मानवीय संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का एक बेहद प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने अंत में कहा कि हमारी असली ताकत हमारी हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं में निहित है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल संस्कारों को अत्यंत सहज और प्रभावी रूप में जन-जन तक पहुँचाने का एक सराहनीय प्रयास हैं। इस उच्चस्तरीय और प्रेरणादायक फिल्म के टैक्स फ्री होने से छत्तीसगढ़ में अब इसे देखने के लिए दर्शकों की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है।
समाचार के प्रमुख बिंदु (Quick Highlights):
- प्रमुख उपस्थिति: राज्यपाल श्री रमेन डेका, सीएम श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह।
- ऐतिहासिक निर्णय: फिल्म ‘हनुमान अंश’ छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्णतः कर-मुक्त (Tax Free)।
- मूल प्रेरणा: महान संत नीम करौली बाबा के जीवन दर्शन, प्रेम, भक्ति और मानव सेवा के संदेश पर आधारित।
- संदेश: नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, जड़ों और मानवीय मूल्यों से जोड़ना।
