राजधानी रायपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को लगेगी हाई-टेक पंख: मुख्य सचिव श्री विकासशील की दो टूक— आईटीएमएस का हो चौतरफा विस्तार, वित्तीय प्रबंधन और तकनीकी उन्नयन पर बनी ठोस सहमति

रायपुर, 11 सितंबर 2026: स्मार्ट सिटी रायपुर में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को एक अभूतपूर्व और आधुनिक आयाम देने की दिशा में शासन स्तर पर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (आईटीएमएस) के सुचारू, प्रभावी और सतत संचालन को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण व उच्चस्तरीय मैराथन बैठक आयोजित हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाम कसने, दुर्घटनाओं में कमी लाने और जाम की समस्या का स्थायी समाधान खोजना था। शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि तकनीकी संसाधनों की कमी या वित्तीय सुस्ती के कारण ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इस उच्चस्तरीय मंथन में सिस्टम के संचालन, रखरखाव, वित्तीय दायित्वों, तकनीकी उन्नयन और भविष्य के विजन को लेकर व्यापक और दूरदर्शी चर्चा की गई।
वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक रोडमैप पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान आईटीएमएस से जुड़े लंबित वित्तीय दायित्वों और इसके निर्बाध रखरखाव (मेंटेनेंस) से जुड़ी व्यवस्थाओं की बेहद बारीकी से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि आईटीएमएस जैसी हाई-टेक परियोजना के दीर्घकालिक और सफल संचालन के लिए एक सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और अचूक रोडमैप का होना अनिवार्य है।
- स्थायी वित्तीय व्यवस्था: तकनीकी उपकरणों के रखरखाव और वेंडर भुगतान जैसी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए, इसके लिए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और समयबद्ध आवंटन पर सहमति बनी।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सिस्टम से मिलने वाले डेटा और राजस्व का उपयोग ट्रैफिक सुधारों को और अधिक मजबूत करने के लिए किया जाए।
कैमरों, सर्वर और सॉफ्टवेयर का होगा कायाकल्प (टेक्निकल अपग्रेडेशन)
समय के साथ तकनीक बदलती है, और साइबर व ट्रैफिक सर्विलांस के क्षेत्र में नए अपडेट्स को अपनाना बेहद जरूरी है। बैठक में आईटीएमएस के तहत स्थापित मौजूदा कैमरों, सर्वर, सॉफ्टवेयर और अन्य तमाम तकनीकी उपकरणों को समयानुकूल अपग्रेड करने पर मुहर लगी।
- हाई-डेफिनिशन सर्विलांस: पुराने पड़ रहे कैमरों को अत्याधुनिक एचडी और नाइट-विज़न कैमरों से बदला जाएगा, ताकि रात के समय या कम रोशनी में भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की स्पष्ट तस्वीरें कैद हो सकें।
- स्मार्ट सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन: ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और रेड लाइट वायोलेशन डिटेक्शन (RLVD) सॉफ्टवेयर को और अधिक उन्नत किया जाएगा, जिससे बिना मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित चालान प्रक्रिया पूरी तरह त्रुटिहीन और तेज हो सकेगी।
राजधानी की नई सड़कों, कॉриडोरों और जंक्शनों तक होगा आईटीएमएस का विस्तार
रायपुर का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, और नए आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए आईटीएमएस को केवल पुराने चुनिंदा चौराहों तक सीमित न रखकर शहर की नई सड़कों, प्रमुख कॉरिडोरों और अत्यधिक व्यस्त नए जंक्शनों तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है।
- चरणबद्ध विस्तार योजना: पहले चरण में उन मार्गों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
- संसाधनों का आकलन: विस्तार कार्य में लगने वाले तकनीकी उपकरणों, ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क और वित्तीय लागत का सटीक आकलन कर लिया गया है, ताकि प्रशासनिक स्वीकृति के तुरंत बाद मैदानी स्तर पर काम शुरू किया जा सके।
शहर के दिग्गजों और प्रशासनिक मुखियाओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था की दशा और दिशा बदलने वाली इस अति-महत्वपूर्ण बैठक में राज्य शासन के तमाम शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों से जुड़े सुझाव साझा किए:
- श्री विकासशील – मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन
- श्री अरुण देव गौतम – पुलिस महानिदेशक (DGP)
- श्रीमती निहारिका बारिक – प्रमुख सचिव, गृह एवं जेल विभाग
- श्री सोनमणि बोरा – प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
- डॉ. रोहित यादव – सचिव, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग
- श्री दीपांशु काबरा – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP)
- श्री चंदन कुमार – मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), एनआरडीए (NRDA)
- श्री गौरव कुमार – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, रायपुर
मुख्य सचिव की इस सख्त और स्पष्ट कार्ययोजना के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था देश के अन्य महानगरों के लिए एक मिसाल बनेगी। इससे न केवल यातायात नियमों का कड़ाई से पालन होगा, बल्कि राजधानी की सड़कों पर सफर करने वाले आम नागरिकों का आवागमन भी पूरी तरह सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
